- फोनरवा-कोनरवा-पोरवा जैसे संगठनों ने प्रशासन से की सख्ती की मांग
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मामूरा के पीजी में बुधवार को हुई आगजनी दो युवाओं की मौत के बाद से अब सेक्टरों में चल रहे अनाधिकृत और असुरक्षित पीजी की सुरक्षा ऑडिट की मांग शुरू हो गई है। फोनरवा-कोनरवा जैसे प्रमुख संगठनों ने यह आवाज उठाई है। फोनरवा अध्यक्ष योगेंद्र शर्मा ने बताया कि शहर के अनेक आवासीय सेक्टरों में बिना आवश्यक अनुमती और निर्धारित नियमों का पालन किए बगैर पीजी संचालित किए जा रहे हैं।
इन पीजी में अधिकांश स्थानों पर अग्निशमन (फायर सेफ्टी) के आवश्यक उपकरण,अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास जैसे अन्य सुरक्षा मानकों का अभाव है। ऐसी स्थिति किसी भी समय गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है और निवासियों का जीवन खतरे में डाल सकती है। वहीं कोनरवा का कहना है कि आजकल यह कारोबार तेजी से बढ़ा है, यदि अभी इस पर लगाम नहीं लगाई गई तो खतरा और भी बढ़ेगा।
पीजी में रहने वालों का सत्यापन तक नहीं
सेक्टरवासियों का कहना है कि कई लोग खुद किराये पर रहकर पूरे पूरे मकान को ही किराए पर उठा रखा है। यह चलन तेजी से बढ़ता जा रहा है। कई ऐसे लोग हैं जो गुपचुप तरीके से किराए पर कमरे उठाते हैं, जिनका सत्यापन तक नहीं होता है।
कोट
हमने नोएडा प्राधिकरण को पत्र लिखकर सेक्टरों में चल रहे असुरक्षित पीजी की सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। -केके जैन, महासचिव, फोनरवा
बिना मानकों के बने पीजी में यदि सुरक्षा के साथ समझौता होगा तो मामूरा जैसे हादसे कई जगह हो सकते हैं। - डॉ. पीएस जैन, अध्यक्ष, कोनरवा
सेक्टर में कई पीजी संचालित हो रहे हैं लेकिन आरडब्ल्यूए को इसकी जानकारी नहीं रहती। पीजी संचालकों पर शिकंजा जरूरी है-निधि जैन, आरडब्ल्यूए कोषाध्यक्ष, सेक्टर-108
हर पीजी में आग लगने पर सुरक्षा इंतजाम होने चाहिए। यह जिम्मेदारी तय होनी चाहिए ताकि लोगों की जान बचाई जा सके। -विजय भाटी, आरडब्ल्यूए महासचिव, सेक्टर 49
डॉ पीएस जैन
डॉ पीएस जैन