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Noida News: दिनभर रहा पुलिस का पहरा, देर रात तक सामान ढोते रहे निवासी

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अंकित।
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मामूरा पीजी अग्निकांड : मंजर देखने आसपास के लोग आते रहे, निवासी बोले-बहुत गलत हुआ, इंसाफ मिलना चाहिए
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। मामूरा में बुधवार को हुई आगजनी के एक दिन दिनभर पुलिस का कड़ा पहरा रहा। पीजी निवासी बृहस्पतिवार को बारी बारी से अपना सामान निकालते रहे। सुबह से शुरू हुआ सिलसिला रात तक जारी रहा। इस बीच घटनास्थल को देखने के लिए लोग आते रहे। वहीं पीजी निवासियों ने रातभर अपने दोस्तों-रिश्तेदारों के यहां रातें काटीं।

बुधवार को आग कुछ हद तक शांत होने के बाद अपना जरूरी सामान निकालने अंदर गए लोगों के पैर में छाले पड़ गए, तो किसी के हाथ पैर जल गए। पुलिस ने निवासियों को तब सिर्फ जरूरी सामान निकालने की ही इजाजत दी थी। इसीलिए बृहस्पतिवार को दिनभर अन्य सामान को निकालने का सिलसिला जारी रहा। युवाओं ने कहा कि जिसे वह किराये के पैसे देते थे उसने फोन उठाना बंद कर दिया।
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सिर्फ एक तरफ से ही है रास्ता
मामूरा गांव में गलियां पहले से ही इतनी संकरी हैं कि वहां कोई बड़ा आपातकालीन वाहन नहीं गुजर सकता। इतना ही नहीं. किसी तरह यदि वाहन गुजर भी गया तो दूसरी तरफ से रास्ता बंद होने के कारण वह बीच में ही फंस जाएगा। गलियों में अधिकतर पीजी के सिंगल गेट खुले हुए हैं। यहां लगातार धड़ल्ले से अन्य पीजी का निर्माण भी जारी है।
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कोट
मैं लैपटॉप लेने ऊपर गई थी। जीने इतने गर्म थे कि पैर में छाले पड़ गए। इमारत में आग से बचने के कोई इंतजाम नहीं थे। सनाया
कहीं ठिकाना नहीं मिला। रात खुले आसमान के नीचे गुजारी। अपना सामान भी देखना था, वहीं संचालक फोन नहीं उठा रहा। -आयुष
चार माह का मासूम सांस नहीं ले पा रहा था। उसे लेकर छत पर गया, ब्रिज के सहारे दूसरी बिल्डिंग पर ले गया। - लोकेश
दोस्तों को स्थिति में देखकर स्तब्ध हूं। उन्हें पीजी दिलाने में मदद कर रहा हूं। इन सभी के साथ जो हुआ वह भयावह था। - अंकित


चार माह के बच्चे को बचाया

लोकेश ने बताया कि बुधवार को आगजनी के दौरान अपने दोस्तों में सिर्फ वहीं पीजी में मौजूद थे। इसी बीच एक महिला अपने चार माह के बच्चे को लिए नीचे की ओर जा रही है। नीचे आग लगी थी। वहां ऑक्सीजन लेवल कम होने से बच्चे को सांस लेने में दिक्कत हुई, जिसके बाद बच्चे को खुद अपनी गोद में लेकर महिला संग छत की ओर से भागे। वहां से सीढ़ियों के जरिए दूसरे पीजी तक बच्चे को पहुंचाकर उसकी जान बचाई।

अंकित।

अंकित।

अंकित।

अंकित।

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