पुलिस ने आरोपी के पास से 50 फर्जी वर्क परमिट एंट्री पास, क्रिटोनिका कंपनी के 3 एग्रीमेंट लेटर, 3 कॉन्ट्रैक्ट लेटर (मालदीव से संबंधित), एक फर्जी आधार कार्ड की फोटो कॉपी, आरोपी का असली आधार कार्ड, पैन कार्ड, एक चेकबुक तथा तीन अलग-अलग कंपनियों के मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
पुलिस का मानना है कि इन मोबाइल फोन के जरिए आरोपी अपने शिकारों से संपर्क करता था और उन्हें जाल में फंसाता था। पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि वह लंबे समय से लोगों को विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहा था। वह खुद को एक एजेंट बताकर लोगों को फर्जी वर्क परमिट, एंट्री पास और अन्य दस्तावेज दिखाता था।
इसके बाद उनसे डेढ़ लाख से दो लाख रुपये तक की रकम वसूलता था। आरोपी ने यह भी बताया कि जो लोग उसके तथाकथित ऑफिस पर आते थे। उनके सामने वह अपना नाम ‘संतोष’ बताता था और इसी नाम से एक फर्जी आधार कार्ड भी बनवा रखा था, जिससे लोगों को उस पर शक न हो। आरोपी ने कई लोगों को अपने झांसे में लेकर उनसे बड़ी रकम ऐंठी है।
मालदीव में नौकरी दिलाने का देता था लालच
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मालदीव और अन्य देशों में नौकरी दिलाने का लालच देता था और नकली दस्तावेजों के जरिए लोगों को भरोसा दिलाता था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और कितने लोगों को अब तक ठगा जा चुका है। इस मामले में थाना बिसरख पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी के आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है और उसके बैंक खातों तथा लेनदेन की जानकारी खंगाली जा रही है।