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मंथली मांगने वाले 25 हजार के इनमा बदमाश गिरफ्तार

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हेडिंग: कारोबारी से मांगा महीना, 25 हजार के इनामी सहित दो धरे
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सुंदर भाटी गैंग के है दोनों सदस्य, दिल्ली के कारोबारी से मांगे थे 50 हजार रुपये महीना
सेक्टर-39 पुलिस ने बॉटेनिकल गार्डन से तमंचे के साथ किया गिरफ्तार
अमर उजाला ब्यूरो
नोएडा। सेक्टर-39 पुलिस ने कारोबारी से 50 हजार रुपये महीना मांगने के मामले में 25 हजार रुपये के इनामी समेत दो बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी फौज में भी रह चुका है।
इंस्पेक्टर शीलेश कुमार के अनुसार, सेक्टर-95 फर्नीचर मार्केट में दिल्ली के सरिता विहार निवासी लक्ष्मण सिंह काम करते हैं। कुछ माह पहले उन्होंने नोएडा में काम शुरू किया था। कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी गिरोह का बृजेश उर्फ बिल्लू फौजी अपने कुछ साथियों के संग लक्ष्मण के ऑफिस पर पहुंचा। यहां पर उसने 50 हजार रुपये महीना देने की मांग की। इसके बाद कुछ और युवकों को भेजा और ऑफिस का फर्नीचर आदि तुड़वाकर उसे डराया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस से कर दी। पुलिस ने बृजेश समेत कई लोगों के खिलाफ वसूली का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी। इसके बाद भी बृजेश कारोबारी को डरा रहा था। शुक्रवार को बिल्लूसाथी राहुल उर्फ सत्ते भाटी के साथ नोएडा पहुंचा तो इसकी जानकारी पुलिस को मिल गई। पुलिस ने दोनों को बॉटेनिकल गार्डन से गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से 2 तमंचे भी बरामद हुए हैं। पुलिस ने बृजेश पर इसी मामले में 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। फौजी और सत्ते दोनों सुंदर भाटी के गांव ग्रेनो स्थित घंघोला के रहने वाले हैं और दोनों उसी के नाम से रंगदारी और अवैध वसूली करते हैं। दोनों आरोपियों पर दिल्ली में टोल वसूली करने वाली कंपनी के ठेकेदारों से भी अवैध वसूली करने का आरोप है। बिल्लू ने 2003 में फौज में नौकरी शुरू की थी, लेकिन 2013 में इस्तीफा देकर गांव आ गया।
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3 गैंगों के 300 से अधिक सदस्य करते हैं वसूली
सूत्रों का कहना है कि जिले में इन दिनों तीन प्रमुख गिरोह का वर्चस्व है और वह कंपनी से लेकर ठेकेदार और बडे़ दुकानदार-कारोबारी से महीने की उगाही करते हैं। जो लोग विरोध करते हैं उन पर जानलेवा हमला कराया जाता है और परिवार की जानकारी जुटाकर डराया जाता है। गिरोह के सरगना ने अपने-अपने क्षेत्र बांट रखे हैं। तीनों गिरोह में 300 से अधिक सदस्य हैं जो अपने-अपने क्षेत्र में छोटे-छोटे दुकानदार हो या ठेकेदार उनसे भी वसूली करते हैं। बड़ा बदमाश उसी तरह के कारोबारी या ठेकेदार से वसूली करता है। छोटे बदमाश छोटे-छोटे कारोबारी, ठेकेदार आदि से वसूली करके अपना खर्चा चलाते हैं।
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