सोनीपत, रोहतक के ध्यानार्थ
उधार वापस मांगने पर दोस्त ने करवाई थी सिपाही की हत्या
पुलिस ने दोस्त समेत पांच आरोपियों को किया गिरफ्तार
हत्या के लिए 5 लाख की सुपारी देने का वादा किया था
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। शाहबाद डेयरी इलाके में उधार दिए आठ लाख रुपये वापस मांगने पर दोस्त ने दिल्ली पुलिस के सिपाही दिनेश कुमार की हत्या करवाई थी। पुलिस ने मृतक सिपाही के दोस्त समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी ने बदमाशों को सिपाही की हत्या के लिए पांच लाख रुपये की सुपारी देने का वादा किया था।
जिला पुलिस उपायुक्त रजनीश गुप्ता ने बताया कि मुख्य आरोपी व सिपाही के दोस्त की पहचान होलंबी कलां निवासी नरेंदर के रूप में हुई है, जबकि अन्य बदमाशों की पहचान सोनीपत (हरियाणा) निवासी साहिल, नितेश, रोहतक (हरियाणा) निवासी अंकित और सांपला (रोहतक) निवासी साहिल के रूप में हुई है। 29 नवंबर की दोपहर में पुलिस को शाहबाद डेयरी इलाके में झाड़ियों में एक युवक का शव मिला था। अगले दिन रोहिणी के सेक्टर-17 निवासी उसकी मां और बहन ने शव की पहचान दिनेश कुमार के रूप में की। दिनेश दिल्ली पुलिस के नई दिल्ली जिले के यातायात विभाग में तैनात था। पिता के देहांत के बाद उनकी जगह पर दिनेश को नौकरी मिली थी।
स्पेशल स्टाफ के निरीक्षक अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगालने के साथ-साथ दिनेश के परिवार वालों और रिश्तेदारों से पूछताछ शुरू की। पुलिस को कैमरे में कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए। परिचितों से पूछताछ के दौरान पुलिस को नरेंदर कुमार का पता चला, जिसका व्यवहार असामान्य था। जांच करने पर पता चला कि नरेंदर दिनेश का दोस्त है और दिनेश की मां उसे बेटे की तरह मानती है।
परिवार वालों ने उसे टैक्सी खरीदने के लिए आठ लाख रुपये उधार दिए थे, जिसे उसने वापस नहीं किया था। पुलिस ने शक होने पर नरेंदर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना अपराध कुबूल कर लिया। उसने बताया कि रुपये वापस मांगने पर उसने दिनेश की हत्या करवाई थी। पुलिस ने नरेंदर की निशानदेही पर अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया।
नरेंदर को बेटे की तरह मानती थी दिनेश की मां
पूछताछ में नरेंदर ने बताया कि वर्ष 2009 में वह दिनेश के परिवार के संपर्क में आया। उसके बाद वह पारिवारिक मित्र बन गया। इसी बीच पिता की जगह पर दिनेश को दिल्ली पुलिस में सिपाही के पद पर नौकरी मिल गई। नरेंदर अक्सर परिवार को यह विश्वास दिलाता था कि वह उनके परिवार का शुभचिंतक है। धीरे-धीरे दिनेश की मां भी उसे अपने बेटे की तरह मानने लगी। अपनी दिक्कत बताकर नरेंदर ने परिवार से एक समय अवधि के लिए आठ लाख रुपये उधार मांगे। रुपये लेने के बाद उसने टैक्सी खरीद ली। दिनेश को उसे रुपये देने के लिए कुछ रुपये लोन लेने पड़े थे।
दिनेश को लोन चुकाने में दिक्कत आ रही थी, इसलिए कुछ महीने से वह नरेंदर से रुपये वापस करने के लिए कह रहा था। इससे खफा होकर नरेंदर ने अपने दोस्त साहिल के साथ दिनेश की हत्या की साजिश रची। नरेंदर ने साहिल के जरिये नितेश को पांच लाख की सुपारी देने का वादा किया। घटना वाली रात दिनेश अपने घर से बाहर निकला। इसी दौरान नितेश ने अपने दो दोस्तों अंकित और साहिल के साथ मिलकर उसका पीछा किया और फिर सिर पर डंडे से वार कर दिया तथा बाद में गर्दन दबाकर उसकी हत्या करने के बाद शव को झाड़ियों में फेंककर फरार हो गए।