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अपराध शाखा ने 1.68 लाख इंजेक्शन की अवैध खेप पकड़ी

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नोट: अलीगढ़, कानपुर, बिहार के लिए उपयोगी।

अपराध शाखा ने 1.68 लाख इंजेक्शन की खेप पकड़ी

- आरोपी अलीगढ़ के केमिस्ट शॉप मालिक गिरफ्तार
- नशे के रूप में इस्तेमाल किया जाता था इंजेक्शन
- इंजेक्शन पर चस्पा करते थे ब्रांडेड कंपनियों का स्टीकर

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पुलिस की अपराध शाखा ने अवैध तरीके से दिल्ली भेजी गई पेनकिलर इंजेक्शनों की खेप पकड़ी है, जिसमें कुल 1.68 लाख बूप्रेफोरफाइन हैं। अपराध शाखा ने इस गोरखधंधे के आरोपी उत्तरप्रदेश के अलीगढ़ निवासी बंटी केमिस्ट फार्मा के मालिक विनीत गर्ग उर्फ बंटी को गिरफ्तार किया है। इन इंजेक्शनों को बिहार व जबलपुर भेजा जाना था। इसका इस्तेमाल नशे के रूप में किया जाता है।
अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त राजीव रंजन के अनुसार इंस्पेक्टर सुनील जैन की टीम ने 28 अगस्त को मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के चार मादक पदार्थ तस्करों को गिरफ्तार किया था। इनके कब्जे से भारी मात्रा में ट्रोमाडॉल कैप्सूल बरामद किए गए थे। आरोपियों ने खुलासा किया था कि गिरोह के अन्य तस्कर बूप्रेफोरफाइन इंजेक्शन का धंधा करते हैं। इसमें अलीगढ़ के बंटी फार्मा का मालिक शामिल है। आरोपी इंजेक्शन के लेवल को हटाकर नामी कंपनियों का स्टीकर लगाकर ऊंची कीमत पर बेचता हैं।
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दो कॉरियर कंपनी से भेजी गई थी बूप्रेनोरफाइन
जांच में पता लगा कि मधुर कोरियर व ओम लोजिस्टक के जरिए दो खेप अलीगढ़ से दिल्ली भेजी गई हैं। अपराध शाखा की टीम ने छापेमारी कर इंजेक्शन बरामद कर लिए। इनमें से 11000 इंजेक्शन ऐसे थे जिनपर स्टीकर चस्पा नहीं था। इसके बाद इंस्पेक्टर सुनील जैन की टीम ने बंटी फर्मा के मालिक विनीत गर्ग को बुधवार को अलीगढ़ से गिरफ्तार कर लिया।
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पहले आरोपी की थी दवा की दुकान
विनीत के पिता की दवा की दुकान थी। लेकिन उनके देहांत के बाद लाइसेंस नहीं होने की वजह से दुकान बंद हो गई थी। बाद में किसी तरह बंटी ने अपनी नाम पर दवाओं की डिस्ट्रीब्यूटरशिप का लाइसेंस ले लिया। इसी बीच उसे हरीश सिंघल व सुनील शर्मा नाम के दो तस्करों से मुलाकात हुई। दोनों से बड़ी खेप की बात होने पर आरोपी विनीत कानुपर से भारी मात्रा में बूप्रेफोरफाइन इंजेक्शन खरीदकर हरीश सिंघल व सुनील शर्मा को बेचने लगा। दोनों तस्कर इंजेक्शन से स्टीकर हटाकर ब्रांडेड कंपनियों के फर्जी लेवल लगाकर दूसरे राज्यों में इस सप्लाई करने लगे थे। ये इंजेक्शन पेनकिलर के रूप में इस्तेमाल होता है। साथ ही इसका अब नशे के लिए इस्तेमाल होने लगा है।
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