बाइक यात्रा व ई-सारथी के नाम पर ठगने वालों पर एफआईआर
नोएडा। बाइक बोट कंपनी की तर्ज पर बाइक यात्रा व ई-सारथी के नाम पर ठगने वाले संचालकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। नोएडा आर्थिक अपराध शाखा की जांच के बाद कोतवाली सेक्टर-58 में मामला दर्ज किया गया है। अब पुलिस इस मामले की जांच करेगी। जांच में आर्थिक अपराध शाखा की टीम भी सहयोग करेगी।
पुलिस के अनुसार, मार्च में सेक्टर-57 में चल रही एमआईपी बाइक्स कंपनी के संचालकों द्वारा बाइक यात्रा व ई-रिक्शा के नाम पर हजारों लोगों से करोड़ों की ठगी करने का मामला सामने आया था। उस वक्त तीन सौ से अधिक लोगों ने कोतवाली सेक्टर-58 पहुंचकर हंगामा किया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला कि राजेश खंडवाल, नितिन त्यागी, कपिल धामा सहित अन्य लोगों ने अप्रैल 2017 में कंपनी बनाई और बाइक यात्रा के नाम से योजना शुरू की। इसमें 62,100 रुपये जमा करने पर एक साल तक 10,100 रुपये देने का एग्रीमेंट किया गया था।
वहीं, 40 हजार रुपये जमा करने पर 5500 रुपये, 32400 रुपये पर पांच हजार और 1.24 लाख रुपये पर 17 हजार प्रति माह देने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद लोग कमाई के लालच में जुड़ गए। दो से तीन महीने तक तो सभी को एग्रीमेंट के मुताबिक पैसे दिए गए। बाद में धीरे-धीरे पैसे देना बंद कर दिया गया। जब निवेशकों ने इसका विरोध किया तो चेक दिए गए जो बाउंस हो गए। इसके बाद कंपनी का दफ्तर बंद कर तीनों संचालक अपने साथियों के साथ भाग गए। एसएसपी वैभव कृष्ण ने बताया कि इस मामले में कंपनी संचालकों पर मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ जल्द कार्रवाई होगी।
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इन योजना से लोगों को लुभाया
रकम इतनी कमाई का लालच
62100 10100 प्रति माह, एक वर्ष तक
40000 5500 प्रति माह, एक वर्ष तक
1.24 लाख 17 हजार प्रति माह, 15 महीने
32400 5 हजार प्रति माह, एक वर्ष तक
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11 महीने तक लूटा और फिर भागे
अप्रैल में कंपनी का कार्यालय सेक्टर-62 के कोरेंथम बिल्डिंग में था। 11 जनवरी को इसका ऑफिस सेक्टर-57 में आ गया। इसके बाद कंपनी संचालकों ने स्कीम के बारे में विज्ञापन देना शुरू किया। लोगों से ऑनलाइन संपर्क किया। अगस्त तक सैकड़ों लोग इनसे जुड़ गए और काम शुरू हो गया। नवंबर तक इधर-उधर करके पैसे दिए गए। इसके बाद निवेशकों को पैसे देना बंद कर दिया। जब निवेशकों ने कंपनी दफ्तर में हंगामा शुरू किया तो पोस्ट डेटेड चेक देकर चुप कराया, लेकिन सभी चेक बाउंस होते गए। 27 मार्च को सैकड़ों निवेशकों को कंपनी दफ्तर बुलाया गया था, लेकिन संचालक फरार हो गए।