फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा के अधिकार के तहत पहुंचे कोर्ट

विज्ञापन
विज्ञापन
पुन्हाना। नूंह जिला में करीब 111 स्कूल टीचर लैस है। ऐसा ही एक बीवां गांव का मिडिल स्कूल है। जिसमें 121 छात्राआें को पढ़ाने के लिए एक भी अध्यापक नियुक्त नहीं है। गांव के लोग अब जागरूक हो गए हैं। शिक्षा का अधिकार को लेकर पहुंचे अदालत शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 को लेकर गांव बीवां के इसब खान ने स्कूल में अध्यापक नियुक्त किए जाने की मांग को लेकर फिरोजपुर झिरका अदालत में एक याचिका दायर की है। अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को जवाब देने के लिए 5 जनवरी 2022 को तलब किया है। जिसकी वजह से शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। वहीं, जिन गांवों के स्कूलों में काफी समय से अध्यापक नहीं हैं उन गांवों के लोग भी शिक्षा का अधिकार के तहत अदालत का रुख करने की योजना बना रहे हैं।
विज्ञापन

याचिकाकर्ता गांव बीवां निवासी इसब खान ने बताया कि उनके गांव में गर्ल मिडिल स्कूल है।, जिसमें 121 छात्राएं पढ़ने आती हैं लेकिन काफी वर्षों से स्कूल में एक भी नियमित अध्यापक नियुक्त नहीं है। जिससे छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। सरकार का बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ का नारा भी फैल हो रहा है। उन्होंने बताया कि दिनांक 21 दिसंबर 2021 को उसने मौसिम खान एडवोकेट बसई मेव, अशोक अग्रवाल एडवोकेट एडवाइजर सोशल ज्यूरिस्ट दिल्ली के माध्यम से फिरोजपुर झिरका की अदालत में याचिका दायर की है। भारत का शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 उन्हें उनके बच्चों को पढ़ाने के लिए अध्यापक नियुक्त होने का पूरा हक देता है। कौशल कुमार यादव जूनियर मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी सिविल कोर्ट फिरोजपुर झिरका ने मुख्य सचिव शिक्षा विभाग हरियाणा सरकार, जिला शिक्षा अधिकारी नूंह को नोटिस जारी करते हुए 5 जनवरी 2022 को जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें