-16 जनवरी की रात इंजीनियर युवराज की हुई थी मौत
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सेक्टर-150 स्थित टी प्वाइंट के पास पानी से भरे गड्ढे में कार सहित गिरने से सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत के मामले में सत्र अदालत ने बिल्डर निर्मल सिंह को अग्रिम जमानत दे दी है। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने विस्तृत सुनवाई के बाद पाया कि प्रथम दृष्टया आरोपी की प्रत्यक्ष या सचेत भूमिका स्थापित करने वाला ठोस साक्ष्य उपलब्ध नहीं है। हालांकि अदालत ने कहा कि वह बिना न्यायालय की अनुमति के देश नहीं छोड़ेंगे। जांच में सहयोग करेंगे।
आरोपी के अधिवक्ता ने अदालत में दलील दी कि आरोपी एक प्रतिष्ठित व्यवसायी और डेवलपर हैं। एफआईआर में उनका नाम स्पष्ट रूप से दर्ज नहीं है और न ही किसी प्रत्यक्ष कृत्य का उल्लेख है। निर्माण स्थल पर दो वर्ष से अधिक समय से नोएडा प्राधिकरण द्वारा रोक लगी हुई थी। सत्र अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड से प्रथम दृष्टया यह स्थापित नहीं होता कि आरोपी का विवादित भूमि पर प्रत्यक्ष या परोक्ष नियंत्रण था। वहीं अभियोजन की ओर से दलील दी गई कि आरोपी कंपनी के प्रमोटर हैं और इस नाते जिम्मेदार हैं। इस पर अदालत ने हा कि प्रमोटर शब्द की स्पष्ट कानूनी परिभाषा और दायित्व का निर्धारण रिकॉर्ड पर उपलब्ध दस्तावेजों से स्थापित नहीं होता। तथ्यों, आरोपों की प्रकृति, सजा की सीमा, प्रथम दृष्टया भूमिका के अभाव में अदालत ने निर्मल सिंह की अग्रिम जमानत अर्जी मंजूर कर ली।