(अदालत से)
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायालय ने जमीनी धोखाधड़ी के मामले में 18 लाख रुपये की ठगी के आरोपी मधुर सहगल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायाधीश ने कहा कि मामला संगठित और सक्रिय आर्थिक अपराध से जुड़ा है। जिसमें आरोपी की भूमिका गंभीर पाई जा रही है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार शिकायतकर्ता अंकित शर्मा ने थाना फेज-1 नोएडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी ने जुलाई 2021 में यमुना भूखंड योजना की वेबसाइट पर प्लॉट स्कीम में पंजीकरण कराया था। योजना में चार श्रेणियों के लोगों को ही पात्र माना गया था और ऑनलाइन ड्रॉ में उनकी पत्नी के नाम प्लॉट निकला था। इसके बाद शिकायतकर्ता कंपनी स्टार इंफासोल प्राइवेट लिमिटेड के दफ्तर पहुंचे। जहां उन्हें मधुर सहगल, अर्चना थापा और अमनप्रीत सिंह ने किस्तों में भुगतान की शर्त पर प्लॉट देने का आश्वासन दिया। वादी पक्ष ने सात किस्तों में कुल 24 लाख रुपये जमा करने का समझौता किया था। तय समय पर छह किस्तों में 18.03 लाख रुपये कंपनी के खाते में ऑनलाइन जमा भी कराए गए।
लेकिन, जब वादी ने यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण से जानकारी की तो पता चला कि प्राधिकरण ने इस कंपनी के साथ किसी भी तरह की योजना शुरू नहीं की थी। इसके बाद पीड़ित को कंपनी के दफ्तर बंद मिले और आरोपी टालमटोल करने लगे। आरोपियों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर और झूठे दस्तावेजों के आधार पर योजनाबद्ध तरीके से ठगी को अंजाम दिया। अदालत ने आरोपी की दलीलें अस्वीकार करते हुए कहा कि मामले में आरोप गंभीर हैं और आरोपी की सक्रिय भूमिका उजागर होती है। इसलिए अग्रिम जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता।