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टि्वन टावर : समयसीमा खत्म होने का काउंटडाउन शुरू, एजेंसी का पता नहीं

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नोएडा। सुपरटेक ट्विन टावर ध्वस्त किए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समयसीमा खत्म होने में सिर्फ 9 दिन बाकी हैं। वहीं, अभी तक इन बहुमंजिला टावर को गिराने के लिए एजेंसी का चयन नहीं हो पाया है। अब प्राधिकरण और सुपरटेक बिल्डर की ओर से नोटिस और जवाब का सिलसिला शुरू हो गया है। सूत्रों ने बताया कि बीते पखवाडे़ से बिल्डर और प्राधिकरण के बीच इस विषय पर कई दौर की ऑनलाइन बैठक और पत्राचार हो चुका है, लेकिन अब तक नतीजा नहीं निकला है। उधर, 30 नवंबर के बाद प्राधिकरण अधिकारियों को इस प्रकरण में अपना जवाब भी सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करना है।
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सुप्रीम कोर्ट ने 31 अगस्त को नोएडा के सेक्टर-93ए स्थित सुपरटेक एमराल्ड कोर्ट परिसर में बने बहुमंजिला ट्विन टावर को ध्वस्त करने का आदेश दिया था। यह आदेश कोर्ट ने एक याचिका पर सुनवाई के बाद दिया था। इसमें बताया गया था कि ट्विन टावर बनाने में बिल्डर द्वारा नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं हैं। इन दो टावरों के बीच की दूरी भी मानकों के अनुरूप नहीं है। कोर्ट ने इन टावरों को गिराने के लिए 30 नवंबर तक का समय दिया था। साथ ही स्पष्ट किया था कि टावरों को गिराने का पूरा खर्च बिल्डर कंपनी द्वारा ही किया जाएगा। वहीं, रुड़की स्थित सेंट्रल बिल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीबीआरआई) की निगरानी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाए।
कई एजेंसियों ने किया निरीक्षण, लेकिन चयन नहीं
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से ही प्राधिकरण ने तैयारियां पूरी की। सुपरटेक से जल्द से जल्द एजेंसी की कार्ययोजना मांगी गई। बिल्डर कंपनी द्वारा लाई गईं कई एजेंसियों ने ट्विन टावर का निरीक्षण भी किया। सीबीआरआई टीम ने भी निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई समयसीमा निरीक्षण और अन्य कार्यों में ही बीत गई। अब 9 दिन बचे हैं। जबकि कार्ययोजना तो दूर की बात है, अब तक एजेंसी का भी चयन नहीं हो पाया है।
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पांच तो किसी ने दस माह का समय बताया
ट्विन टावरों को गिराने के लिए किसी एजेंसी ने पांच तो किसी ने दस माह तक का समय लगने की बात कही। सुपरटेक के अनुसार, एक्सपर्ट डेमोलिशन एसोसिएशन के प्रेसिडेंट मोहन रामनाथन ने भी कहा है कि ट्विन टावर का स्ट्रक्चर बेहद यूनिक है। सुरक्षित तरीके से इसे गिराने के लिए कम से कम दो माह का समय तो कार्ययोजना बनाने में लग जाएगा। जबकि इसे गिराने में पांच से दस माह का समय लग सकता है।
मैनुअल तरीके से ध्वस्तीकरण का यह होगा असर
मैनुअल तरीके से ध्वस्तीकरण की योजना बनाई जाती है तो मशीनों से ऊपर की तलों को काटने से शुरुआत होगी। इसके बाद कार्रवाई धीरे-धीरे नीचे की ओर बढ़ेगी। करीब 15 मंजिल पर आकर फिर ब्लास्ट तकनीक का सहारा लिया जाएगा, लेकिन इस काम में करीब चार से पांच माह माह समय लग जाएगा। ट्विन टावर के सामने 60 मीटर का रोड और इसके बाद पार्क है। इसके बायीं और पीछे की ओर एस्टर के दो और एमराल्ड कोर्ट के कुछ टावर हैं। दाहिनी ओर एटीएस विलेज के सात टावर दीवार के साथ हैं। इसके पीछे पार्श्वनाथ सृष्टि के दो टावर हैं।
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