पुराने पौधों को सहेज नहीं पाए, अब नए लगाने की तैयारी में विभाग
इस मानसून गौतमबुद्ध नगर में 1081520 पौधे लगाने का रखा गया लक्ष्य
वन विभाग को लगाने होंगे 120100 पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
नोएडा। शहर को हराभरा बनाने के लिए वन विभाग द्वारा की गई कवायद को उन्हीं के विभाग के कर्मचारी और अधिकारी पलीता लगा रहे हैं। हर साल मानसून में लगाए जाने वाले पौधों में 50 फीसदी से अधिक पौधे पेड़ नहीं बन पाए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि विभाग पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल करना भूल जाता है। देखभाल के अभाव में यह पौधे नष्ट हो जाते हैं।
इस साल मानसून में 10 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं दूसरी ओर पिछले साल लगाए गए पौधे देखरेख के अभाव में बढ़ नहीं पा रहे हैं। कहीं पानी नहीं मिल पा रहा है तो कहीं ट्रिगर न होने की वजह से पशुओं द्वारा पौधे नष्ट हो रहे हैं। वहीं इस वर्ष 10 लाख से अधिक पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया है, जो वन विभाग के अलावा, पंचायतों, स्कूलों व अन्य विभागों के सहयोग से लगाए जाएंगे।
पौधरोपण से पहले गड्ढे खुदवाने का कार्य भी विभाग द्वारा जल्द ही शुरू किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में 2024-25 में 35 करोड़ पौधे लगाए जाएंगे। इसमें से गौतमबुद्ध नगर में 1081520 पौधे लगाने का लक्ष्य मिला है। 25 विभाग मिलकर यह पौधे रोपेंगे। सबसे ज्यादा वन विभाग को 120100 पौधे लगाने हैं। वनाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि शहर के मुख्य मार्गाें के अलावा पार्क, सोसाइटी आदि चिह्नित किए गए स्थानों पर यह पौधे रोपे जाएंगे। उन्होंने बताया कि पौधरोपण के लिए पौध की तैयारी की जा रही है। इसमें अमरूद, आम, जामुन, आंवला, अनार, शहतूत, पाकड़, वट, पीपल समेत 50 से अधिक प्रजातियों वाले पौधे तैयार किए जा रहे हैं।
पौधों की देखरेख का रखा जाएगा ख्याल
वनाधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि वन विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की देखभाल की जाए, इसके लिए विभाग द्वारा पूरा प्रयास किया जाता है। 2023 में विभाग द्वारा लगाए गए पौधों की भी विभाग द्वारा देखभाल की जा रही है। वहीं इस बार पौधरोपण करने के बाद इस बात पर और ज्यादा ध्यान दिया जाएगा कि एक भी पौधा देखरेख के अभाव में सूखे नहीं।
विभाग पौधरोपण का लक्ष्य
वन विभाग 120100
पर्यावरण विभाग 17000
ग्राम्य विकास 60000
राजस्व विभाग 21000
पंचायतीराज विभाग 25000
औद्योगिक विकास 250000
नगर विकास 4900
लोक निर्माण विभाग 19000
जल शक्ति विभाग 20000
कृषि विभाग 49000
पशु पालन विभाग 8000
सहकारिता विभाग 1120
उद्योग विभाग 16000
ऊर्जा विभाग 7000
मा. शिक्षा विभाग 1000
बेसिक शिक्षा विभाग 2000
प्राविधिक शिक्षा 6000
उच्च शिक्षा 22000
श्रम विभाग 5000
स्वास्थ्य विभाग 13000
परिवहन विभाग 4700
रेलवे विभाग 14000
रक्षा विभाग 8000
उद्यान विभाग 31000
गृह विभाग 12600