संक्रमण की रफ्तार तेज हो जाने से सक्रिय मरीजों की संख्या दो महीने बाद 75 के पार पहुंची है। शुक्रवार को 77 हो गई। नए केस में आठ छात्र और चार शिक्षक के अलावा 24 अन्य लोग भी हैं। 24 घंटे में 36 मरीज मिले हैं। सक्रिय मरीजों में 64 का होम आइसोलेशन में इलाज चल रहा है। 13 मरीजों की जानकारी स्वास्थ्य विभाग एकत्र कर रहा है। संक्रमित मिले 36 मरीजों के सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं। अब संक्रमण दर भी 0.08 से बढ़कर 0.88 प्रतिशत हो गई।
माता-पिता भी संक्रमित पर लक्षण नहीं मिले
जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि संक्रमित मिले छात्रों के माता-पिता भी पॉजिटिव मिल रहे हैं, लेकिन एक में भी कोरोना का कोई लक्षण नहीं मिला है। स्कूलों में संक्रमित मिले बच्चों और उनके परिजनों के 260 नमूने लखनऊ भेजे गए हैं। उनमें जो भी संक्रमित मिलेंगे, उनकी जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी।
चंद्रलक्ष्मी और संतोष अस्पताल में होगा संक्रमितों का उपचार
तेजी से बढ़ते हुए मरीजों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने चंद्रलक्ष्मी और संतोष अस्पताल में कोरोना संक्रमितों के इलाज की अनुमति दी है। शासन स्तर से डासना, मोदीनगर, मुरादनगर और लोनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर 50 से बढ़ाकर 100 बेड करने का निर्देश दिया है। हालांकि सभी सीएचसी पर 30 बेड की सुविधा है। सीएमओ का कहना है कि जरूरत पड़ने पर फैब्रिकेटेड वार्ड बनाकर बेड बढ़ा दिए जाएंगे। एसीएमओ प्रशासन डॉ. सुनील त्यागी ने बताया कि संक्रमण बढ़ने पर एहतियात के तौर पर 50 बेड संतोष अस्पताल और 20 बेड चंद्रलक्ष्मी में रिजर्व किए गए हैं। जरूरत पड़ने पर बेड की संख्या 420 तक बढ़ाई जाएगी।