नोएडा/ग्रेटर नोएडा। कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देख बुधवार को स्वास्थ्य विभाग ने शारदा अस्पताल को फिर से कोविड अस्पताल घोषित कर दिया। उधर, शासन ने टीकाकरण पर भी जोर देते हुए इसमें तेजी लाने के निर्देश स्थानीय अधिकारियों को दिए हैं। बुधवार को प्रदेश के मुख्य सचिव राजेंद्र कुमार तिवारी के साथ करीब दो घंटों तक चली वीडियो कांफ्रेंसिंग में अधिकारियों को टीकाकरण बढ़ाने के निर्देश दिए गए। साथ ही स्पष्ट किया गया कि बृहस्पतिवार से 45 और उससे अधिक की उम्र वालों को भी टीकाकरण शुरू कर दिया जाए।
स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों के अनुसार बृहस्पतिवार को एक ही दिन में करीब दस हजार लोगों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। वही, पूरे अप्रैल में जिले में 1.65 लाख लोगों के वैक्सीनेशन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. नीरज त्यागी ने बताया कि 1 अप्रैल से जिले के सभी केंद्रों पर 45 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण किया जाएगा।
इसके लिए 51 सरकारी व 40 निजी अस्पतालों को चिह्नित कर टीकाकरण की पूरी तैयारी की गई है। सीएमओ डॉ. दीपक ओहरी ने बताया कि जिले में मरीजों को संख्या को देखते हुए शारदा अस्पताल को फिर से कोविड अस्पताल बनाया गया है। शारदा अस्पताल के प्रवक्ता अजीत कुमार ने बताया कि देर शाम उन्हें इस संबंध में आदेश मिल गया है। इसके बाद से शासन के निर्देशानुसार ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
बूथ बढ़ाने के निर्देश
बुधवार देर शाम कोरोना के बढ़ते मरीजों को लेकर हुई चर्चा के बाद टीकाकरण को और तेज गति से चलाने के साथ बूथों की संख्या को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। मौजूदा समय में टीकाकरण के लिए 95 बूथ निर्धारित हैं। इनमें 20 से 25 तक नए बूथों का इजाफा स्वास्थ्य विभाग कर सकता है।
होम आइसोलेशन में गए मरीजों पर नजर
मुख्य सचिव ने होम हाइसोलेशन में जा रहे मरीजों पर नजर रखने के साथ कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाने, अस्पताल में अग्निशमन की सुरक्षा जांचने, कांटेक्ट ट्रेसिंग, जांच व सर्विलासं कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश मुख्य सचिव राजेंद्र तिवारी ने बुधवार देर शाम वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान दी है। जिला सूचना अधिकारी राकेश कुमार ने यह जानकारी दी।
मुख्य सचिव ने बाहरी प्रदेशों से रेल, सड़क एवं हवाई मार्ग से आने वालों की आरटीपीसीआर जांच कराने के निर्देश दिए है। साथ ही कमांड सेंटर की मदद से आइसोलेशन में जाने वाले मरीजों का हालचाल का पता रखने को कहा गया है। प्रतिदिन डीएम, एसपी व सीएमओ बैठक कर स्थिति पर चर्चा करने के निर्देश् दिए गए हैं।
कोविड नियमों की अनदेखी पर कार्रवाई
मुख्य सचिव ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान कोविड नियमों का सख्ती से पालन कराने के भी निर्देश दिए। इसमें कहा कि बिना मास्क व सामाजिक दूरी का पालन न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना सुनिश्चित करें। पूर्व स्थापित हेल्पडेस्क को सक्रिय करें। रेफर होने वाले मरीजों के बारे में कमांड सेंटर को अवगत कराएं।
छूटे हुए हेल्थ वर्कर व फ्रंटलाइन वर्कर को मौका
बृहस्पतिवार से 45 साल से ऊपर के सभी लोगों के टीकाकरण के दौरान छूटे हुए हेल्थ वर्कर व फ्रंटलाइन वर्कर को भी टीके लगाए जाएंगे। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उन्हें टीकाकरण कराने के लिए प्रेरित करने के लिए कहा गया है।
मौके पर भी होंगे पंजीकरण
टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य हैं। अगर पोर्टल पर पंजीकरण न भी हुआ तो कोई बात नहीं। आधार कार्ड दिखाकर मौके पर भी पंजीकरण कराया जा सकता है। केंद्र पर मौजूद हेल्प डेस्क के कर्मचारी आपका पंजीकरण कर टीकाकरण में मदद करेंगे।
यहां लगवा सकते हैं टीका
जिले के सरकारी व निजी अस्पतालों में भी टीकाकरण कराया जा सकता है। आप अपने आसपास के इन अस्पतालों में टीका लगवा सकते हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नोएडा के निजी अस्पतालों में फेलिक्स अस्पताल, नियो अस्पताल, मेट्रो अस्पताल, फोर्टिस अस्पताल, कैलाश अस्पताल, प्रयाग अस्पताल, ग्रेटर नोएडा के यथार्थ अस्पताल, शारदा अस्पताल व जिम्स व सभी प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में टीकाकरण कराने की सुविधा दी है। निजी अस्पतालों में 250 रुपये शुल्क देकर टीकाकरण कराया जा सकता है, जबकि सरकारी अस्पताल, सामुदायिक, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क टीकाकरण कराया जा सकता है।
मार्च में कुल 580 कोरोना संक्रमित मिले
नोएडा। जिले में इस साल मार्च के शुरुआती 15 दिनों में 133 मामले सामने आए थे। वहीं, मार्च के अंतिम 15 दिनों में 447 नए मरीज मिले। मार्च में कुल 580 नए मरीज मिले हैं। बुधवार को राज्य सरकार द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना के 27 नए मामले सामने आए हैं। वहीं बीते 24 घंटे में 16 लोग स्वस्थ हो गए हैं। जिले में अब तक कोरोना के 26,099 मामले सामने आए हैं।
इनमें 25,678 लोग ठीक हो चुके हैं। वहीं अब तक 91 लोगों की मौत हुई है। जबकि सक्रिय केसों की संख्या 331 हो गई है। होली के बाद नए केसों का खतरा और बढ़ने लगा है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग भी अपनी जांच और सर्विलांस का दायरा और बढ़ाने पर विचार कर रहा है। सैंपलिंग प्रभारी डॉ. संजीव मांगलिक ने बताया कि होली के त्योहार में रैंडम सैंपलिंग का सिलसिला 2-3 दिनों के लिए रुक गया था। जल्द ही हम सैंपलिंग प्रक्रिया तेज करेंगे।