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जिला अस्पताल में भटक रहे कोरोना संक्रमित

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जिला अस्पताल में इलाज न मिलने से परेशान मरीज।
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नोएडा (विनोद डबास)। जिला अस्पताल में कोरोना जांच एवं इलाज कराने जा रहे हैं तो जरा सावधान हो जाएं। अस्पताल परिसर में कई लोग संक्रमण की पुष्टि होने के बाद भी घूम रहे हैं। कई मरीजों के अस्पताल में भर्ती नहीं हो पाने की वजह से इस तरह की दिक्कत हो रही है। संक्रमितों की कोई विशेष पहचान नहीं हैं, ऐसे में उनके संपर्क में आने से पॉजिटिव होने का खतरा है।
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दरअसल अस्पताल ने सभी मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा है। ऐसे में कई मरीज संक्रमित होने के बाद भी इलाज पाने के लिए इधर-उधर भटक रहे हैं। शुक्रवार को भी दो मरीज अस्पताल पहुंचे, लेकिन उन्हें भर्ती नहीं किया गया। काफी देर अस्पताल परिसर में बैठने के बाद वे अपने घर चले गए।
सेक्टर-5 निवासी संजय कुमार कोरोना जांच में संक्रमित पाए गए हैं। शुक्रवार को उनके परिजन इलाज कराने संजय को जिला अस्पताल लाए। लेकिन यहां उन्हें भर्ती करने से मना कर दिया गया। उन्हें बताया गया कि एक तो अस्पताल में बेड नहीं है, दूसरे आप टीबी के भी मरीज हो। ऐसे में आप इलाज कराने दिल्ली के महरौली स्थित टीबी अस्पताल जाएं। इसके बाद भी परिजन संजय को अस्पताल में भर्ती कराने के लिए परिसर में जमे रहे। वे संजय को लेकर इधर-उधर घूमते हुए अपने परिचितों से मोबाइल पर बात रहते रहे। करीब आधे घंटे बाद वहां से चले गए। संजय के परिजनों ने बताया कि उसे बुखार होने पर एक निजी अस्पताल में कोरोना जांच कराई थी। बृहस्पतिवार शाम रिपोर्ट में संक्रमित होने की पुष्टि हुई। इसके बाद संजय को लेकर जिला अस्पताल आए थे।
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इसके कुछ देर बाद इमरजेंसी से व्हील चेयर पर फरजद अली नामक व्यक्ति को उसके परिजन बाहर लेकर आए। परिजनों ने बताया कि उसे बुखार एवं सांस लेने में दिक्कत हो रही है। इसके बावजूद उसे भर्ती नहीं किया गया। इमरजेंसी में उसे ऑक्सीजन देने के बाद कोरोना जांच के लिए बाहर भेज दिया है। वे जांच के लिए मरीज को लेकर परिसर में लेकर घूमते रहे। इसके अलावा एक महिला पुलिसकर्मी भी कोरोना जांच कराने के लिए भटकती दिखाई दी। काफी प्रयास के बाद भी उसकी जांच नहीं हुई। दरअसल महिला पुलिसकर्मी ने कोर्ट के निर्देश पर बाल सुधार गृह में रह रही एक लड़की की एंटीजन जांच कराई थी। जांच में लड़की के संक्रमित पाए जाने पर महिला पुलिसकर्मी घबरा गई और अपनी आरटीपीसीआर जांच कराने जिला अस्पताल पहुंची। लेकिन उसके पास स्थानीय पते के दस्तावेज नहीं थे, इस कारण निराश होकर लौट गई।
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