ग्रेटर नोएडा। जनपद न्यायालय में अब सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर ढाई बजे तक ही न्यायिक कार्य होंगे। मामलों की सुनवाई भी वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होगी। न्यायालय परिसर में उन वादकारियों और अधिवक्ताओं को ही प्रवेश दिया जाएगा जिनके पास अनुमति और कोविड आरटीपीसीआर टेस्ट की निगेटिव रिपोर्ट होगी। जमानत के प्रार्थना-पत्र देने के लिए ई-मेल भी जारी की गई है।
बढ़ते कोविड संक्रमण को देखते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गाइडलाइन जारी की है। इसके तहत ही जनपद न्यायाधीश ने भी नई व्यवस्था की है। जिसके तहत 26 से 30 अप्रैल तक अलग-अलग कोर्ट के लिए वीडियो क्रॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई का कार्यक्रम जारी किया गया है। जमानत, अग्रिम जमानत या आवश्यक कार्यों के प्रार्थना-पत्रों के लिए ईमेल आईडी urgentfilingdcgbn@gmail.com जारी की गई है। इस पर अधिवक्ता की ई-मेल आईडी के साथ फोन नंबर, वादकारी के फोन नंबर समेत अन्य जानकारी देनी होगी। कंप्यूटर विभाग आवेदनों को डाउनलोड कर उनकी लिस्ट तैयार करेंगे। प्रार्थना पत्र में कोई कमी होने पर संबंधित अधिवक्ता से संपर्क कर उसे दूर कराया जाएगा। न्यायालय परिसर में केवल अधिवक्ता और वे वादकारी प्रवेश कर सकेंगे जिन्हें पेश होने के लिए न्यायालय द्वारा आदेश जारी किया गया होगा। न्यायालय अग्रिम आदेश तक शनिवार और रविवार को बंद रहेगा।
ऑनलाइन होगी जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों की सुनवाई
भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण गौतमबुद्ध नगर के पीठासीन अधिकारी ने आदेश जारी किया है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े मामलों की सुनवाई सुबह 10.30 बजे से 2.30 बजे तक ही होगी। अधिक से अधिक मामलों की सुनवाई वर्चुअल मोड में होगी। केवल उन्हीं अधिवक्ताओं को आने की अनुमित होगी, जिनके मामले की सुनवाई होनी है। न्यायालय और प्राधिकरण कार्यालय में केवल 33 फीसदी स्टॉफ ही उपस्थित रहेगा। शनिवार और रविवार को बंदी के दौरान वरिष्ठ सहायक मनोज कुमार द्वारा परिसर को सैनिटाइज कराया जाएगा।