ग्रेटर नोएडा। नॉलेज पार्क स्थित इंडिया एक्सपो प्लाजा से बृहस्पतिवार दोपहर सफेद रंग की कार में डेढ़ वर्षीय बच्चे को अगवा करने की सूचना से अफरातफरी मच गई। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए सीसीटीवी की मदद से महज तीन घंटे में बच्चे को दादरी से सकुशल बरामद कर लिया। पिता बनने की चाहत में एक ठेकेदार ने बच्चे का अपहरण किया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, नॉलेज पार्क मेट्रो स्टेशन के पास निर्माणाधीन एक्सपो प्लाजा में राजकुमार मजदूरी करता है। उसका डेढ़ वर्षीय बेटा जिगर बृहस्पतिवार दोपहर साइट पर खेल रहा था। इस बीच अचानक एक सफेद रंग की ब्रेजा कार आई। कार में से एक व्यक्ति निकला और बच्चे को अगवा कर फरार हो गया। परिजनों ने तुरंत मामले की सूचना डायल-112 पर दी। नॉलेज पार्क कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह व दादरी कोतवाली के सब इंस्पेक्टर विनोद पंवार की टीम बच्चे को तलाशने में जुट गई। सीसीटीवी की मदद से पुलिस ने कार का नंबर ट्रेस करते हुए आरोपी के बारे में जानकारी हासिल की। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि बच्चा दादरी में है। पुलिस ने रूपबास निवासी ठेकेदार रमाशंकर पांडेय को गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर लिया।
पहले भी किया था प्रयास
रमाशंकर पंप सप्लाई का ठेकेदार है। शादी के आठ वर्ष बीतने के बाद भी दंपती को कोई बच्चा नहीं था। संतान की चाहत में उसने बच्चे को अगवा कर लिया। घटना में इस्तेमाल की गई ब्रेजा पुलिस ने बरामद कर ली है। ठेकेदार कई दिन से अपहरण की फिराक में था। कुछ दिन पूर्व भी उसने प्रयास किया था, लेकिन कामयाब नहीं हो सका था। आरोपी ने इस साइट पर काम किया था, तभी से उसकी जिगर पर नजर थी।
पकड़े जाने के डर से झाड़ियों में फेंका
आरोपी से पहले ही पुलिस दादरी स्थित घर पहुंच गई थी। आरोपी को जब पता चला कि पुलिस उसे घेरने वाली है तो उसने कार एलजी गोलचक्कर की ओर मोड़ दी। यहां टी सीरीज की खाली पड़ी जमीन पर बड़ी-बड़ी झाड़ियां हैं। पकड़े जाने के डर से उसने बच्चे को वहीं फेंक दिया था। कुछ देर बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर बच्चे को बरामद कर लिया। यदि कुछ देर और होती तो कुत्ते बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते थे।
आईवीएफ तकनीक से नहीं मिली थी सफलता
एडीसीपी विशाल पांडेय ने बताया कि ठेकेदार ने तीन बार आईवीएफ के जरिये भी बच्चा पाने की कोशिश की थी। हर बार असफलता मिलने पर वह परेशान था और उम्मीद भी छोड़ बैठा था।
साइट पर था ठेकेदार, बच्चे से हो गया था लगाव
साइट पर ही बच्चा खेलता रहता था। कुछ दिन से बच्चे के साथ रहकर आरोपी का उससे लगाव हो गया था। वह चॉकलेट आदि लाकर बच्चे को खिलाता रहता था।
ठेकेदार की सोने की मोटी चेन से हुआ शक
साइट पर बच्चे के पास कई और बड़े बच्चे भी खेल रहे थे। आरोपी रमाशंकर ने बड़े बच्चों को टॉफी देकर खेलने के लिए भेज दिया था। पुलिस ने पूछताछ की तो पता चला कि सफेद गाड़ी में आए आरोपी ने सोने की मोटी चेन पहन रखी थी। यहीं से आरोपी के खिलाफ शक पैदा हो गया। ठेकेदार मोटी चेन पहनता था और सफेद कार से आता था, इसलिए उस पर संदेह हो गया था।
बच्चे को बिहार ले जाने की थी तैयारी
आरोपी मूलरूप से बिहार का रहने वाला है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आरोपी बच्चे को गौतमबुद्ध नगर में नहीं रखना चाहता था। जब मामला शांत हो जाता तो वह बच्चे को बिहार ले जाने की तैयारी कर चुका था।