- प्राधिकरण ने करीब 22 करोड़ रुपये पहले ही किए थे जारी, निर्माण शुरू नहीं होने पर लखनऊ में शिकायत
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सेक्टर-150 के आसपास यमुना का जलस्तर बढ़ने पर बाढ़ और बैक फ्लो के खतरे को रोकने के लिए प्रस्तावित पुश्ता रोड और हेड रेगुलेटर निर्माण में हो रही देरी में अब सिंचाई विभाग से मुख्यालय सवाल पूछेगा। नोएडा प्राधिकरण ने करीब एक साल पहले इस परियोजना के लिए उत्तर सिंचाई विभाग को लगभग 22 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया था। मामले में आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। अब प्राधिकरण ने इसकी शिकायत लखनऊ मुख्यालय से कर दी है।
यह परियोजना एक्सप्रेसवे किनारे बसे सेक्टर 150, 145, 148, 137 की सोसाइटियों और गांवों को हर मानसून में आने वाले बाढ़ के खतरे से बचाने के लिए बेहद अहम है। परियोजना का खर्च नोएडा प्राधिकरण वहन कर रहा है, जबकि निर्माण की जिम्मेदारी प्रदेश सिंचाई विभाग के पास है। प्राधिकरण और सिंचाई विभाग वर्ष 2023 से इस परियोजना पर काम कर रहे हैं। कई संयुक्त निरीक्षण किए गए और सर्वे और ड्राइंग-डिजाइन तैयार करने के लिए करीब 30 लाख रुपये भी सिंचाई विभाग को दिए गए। इसके बाद विभाग ने परियोजना का संशोधित एस्टीमेट करीब 22 करोड़ रुपये का तैयार कर प्राधिकरण को भेजा था।
2023 में बाढ़ ने बढ़ा दी थी चिंता
वर्ष 2023 में यमुना का जलस्तर बढ़ने पर सेक्टर-168 के पास बना हेड रेगुलेटर प्रभावी नहीं रह पाया था। बैकफ्लो के कारण एक्सप्रेसवे किनारे बने नालों में यमुना का पानी पहुंच गया था। सेक्टर-142 में एडवंट के पास नया नाला क्षतिग्रस्त हो गया था और सेक्टर-137 तक कई सोसाइटियों की सड़कों पर जलभराव हो गया था। इसी स्थिति के बाद सेक्टर-150 के पास नए रेगुलेटर और पुश्ता रोड को प्राथमिकता दी गई थी।
देरी से क्या होंगी दिक्कतें
बारिश के दौरान हर साल बाढ़ के हालात बनते हैं। यमुना और हिंडन का जलस्तर बढ़ने के संग एक्सप्रेसवे किनारे बसे सेक्टरों में रहने वाले लोगों की सांसें भी बढ़ने लगती हैं। उन्हें बाढ़ का डर सताने लगता है। अभी मानसून शुरू ही हुआ है और नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। हालांकि नदी अभी खतरे के निशान से नीचे ही बह रही है। आगामी दिनाें में जलस्तर बढ़ा तो बाढ़ की स्थिति बन सकती है। सड़कों पर पानी भरने से यातायात और आवागमन प्रभावित हो जाता है। समय रहते निर्माण न होने से हर मानसून में आपातकालीन इंतजामों पर निर्भर रहना पड़ता है।
रेगुलेटर और पुश्ता रोड के निर्माण के लिए सिंचाई विभाग को भुगतान किया जा चुका है। अभी तक निर्माण शुरू नहीं किया गया। काम में हो रही देरी की शिकायत लखनऊ स्थित सिंचाई विभाग के मुख्यालय में दी गई है। -एके अरोड़ा, जीएम नोएडा प्राधिकरण