नोएडा। उत्तर प्रदेश शासन ने औद्योगिक इकाइयों में निरीक्षण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट और थर्ड पार्टी सलाहकार योजना लागू कर दी है। अब किसी भी औद्योगिक इकाई या कारखाने के लिए थर्ड पार्टी ऑडिट कराना अनिवार्य होगा। इसके तहत कारखानों को कम, मध्यम और उच्च जोखिम श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। कम जोखिम वाले कारखाने को स्व प्रमाणन की सुविधा दी जाएगी व ऑडिट अधिकृत थर्ड पार्टी ऑडिटर फर्मों के माध्यम से कराया जाएगा। इससे निरीक्षण प्रक्रिया सरल, पारदर्शी और उद्योग हितैषी बनेगी। श्रम विभाग ने कारखानों और अधिष्ठानों को वार्षिक व अर्द्धवार्षिक रिटर्न ऑनलाइन पोर्टल www.uplabouract.in के माध्यम से 31 जुलाई तक जमा करने के निर्देश दिए हैं। वार्षिक रिटर्न माह जनवरी व अर्द्धवार्षिक रिटर्न माह जुलाई तक प्रस्तुत करने की सुविधा दी गई है। ब्यूरो