भूमि नहीं मिलने से डीएफसीसी के ईस्टर्न कॉरिडोर का निर्माण अटका
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव ने बुधवार को ईस्टर्न डेडीकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसीसी) के निर्माण में आ रहीं बाधाओं को लेकर जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक की। इसमें प्रमुख सचिव ने सभी बाधाओं को जल्द दूर कर जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि परियोजना का काम समय पर पूरा हो सके। जिले के 8 गांवों में जमीन नहीं मिलने के कारण ईस्टर्न कॉरिडोर का करीब डेढ़ किमी का हिस्सा बाधित है।
गौतमबुद्ध नगर में डीएफसीसी के ईस्टर्न और वेस्टर्न कॉरिडोर बन रहे हैं। वेस्टर्न कॉरिडोर का काम चल रहा है, लेकिन ईस्टर्न कॉरिडोर के निर्माण में बाधा आ रही है। यह बाधा दादरी क्षेत्र के 8 गांवों में है। जहां किसानों के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है। डीएफसीसी के अफसरों ने बताया कि पल्ला, पाली, बोड़ाकी, रिठौरी, हजरतपुर और जमालपुर में काम रुका है। इन गांवों की जमीन पर कॉरिडोर का करीब डेढ़ किमी हिस्सा आ रहा है। प्रशासन को पाली, पल्ला और बोड़ाकी के कुछ खसरा नंबरों पर कब्जा दिलवाना है। वहीं, कुछ गांवों की जमीन से संबंधित केस हाई कोर्ट में लंबित हैं। जमालपुर में पांच खसरा नंबर का अधिग्रहण रेलवे एक्ट के तहत किया जाना है। इसका प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है।
लाइन बिछाने का काम चल रहा है
गौतमबुद्ध नगर में ईस्टर्न कॉरिडोर का 19 किमी का हिस्सा आ रहा है। आठ गांवों की जमीन को छोड़कर बाकी जगह लाइन बिछाने का काम चल रहा है। जमालपुर में 200 मीटर, बोड़ाकी में 600 मीटर, पाली में 75 मीटर, पल्ला में 100 मीटर और बाकी गांव में 300-300 मीटर जमीन पर कब्जा नहीं मिला है। कब्जा मिलने के बाद यहां भी काम शुरू हो जाएगा।
जमीन नहीं मिलने से अटके 8 फ्लाईओवर
जिले में ईस्टर्न कॉरिडोर आठ मुख्य रास्तों को पार कर रहा है। फिलहाल यहां पर अस्थायी फाटक बनाए गए हैं, लेकिन इन सभी आठ जगहों पर फ्लाईओवर का निर्माण होना है। यूपी सेतु निगम इनका निर्माण करेगा, लेकिन जमीन नहीं मिल पाने के कारण निर्माण शुरू नहीं हो सका है। दादरी से अस्तौली के बीच आठ जगह फ्लाईओवर बनेंगे। इनमें अस्तौली, चिरसी, मायचा, रिठौरी, अजायबपुर, रामगढ़, बोड़की और पल्ला शामिल हैं।
जून, 2021 तक कॉरिडोर का निर्माण पूरा करना है। निर्माण की गति तय समय के हिसाब से चल रही है। जिले में अगर जमीन नहीं मिली तो प्रोजेक्ट को पूरा करने में देरी होगी। आठ फ्लाईओवर बनाने में भी जमीन की दिक्कत आ रही है।
- अखिलेश कुमार, परियोजना प्रबंधक, ईस्टर्न कॉरिडोर