- शासन को भेजा गया पत्र, राशि स्वीकृत होते ही कार्य शुरू कराने का दावा
संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। जिले के भैंसवाल गांव में प्रस्तावित अत्याधुनिक ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक का निर्माण कार्य बजट स्वीकृति के अभाव में अधर में लटका हुआ है। एआरटीओ ने शासन को दोबारा पत्र भेजकर ढाई करोड़ रुपये की धनराशि जल्द स्वीकृत करने की मांग की है। अधिकारियों का कहना है कि बजट मिलते ही ट्रैक का निर्माण कार्य तुरंत शुरू करा दिया जाएगा।
वर्तमान में जिले में चालकों को ड्राइविंग लाइसेंस मैनुअल तरीके से वाहन चलवाकर जारी किया जाता है। जबकि परिवहन मुख्यालय द्वारा पूरे प्रदेश में स्वचालित ड्राइविंग टेस्टिंग ट्रैक विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं।
शामली में इस उद्देश्य के लिए भैंसवाल गांव में चार एकड़ भूमि को पहले ही चिह्नित कर लिया गया है। प्रस्तावित ट्रैक और उससे जुड़ी बिल्डिंगों पर कुल चार करोड़ रुपये से अधिक खर्च आने का अनुमान है। एआरटीओ के अनुसार, निर्माण की लागत में से ढाई करोड़ रुपये शासन से और शेष राशि पीपीपी (पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल के अंतर्गत ठेकेदार वहन करेगा। बजट स्वीकृति न होने के कारण कार्य अटका हुआ है। अब पुनः पत्र भेजकर धनराशि स्वीकृत करने की मांग की गई है।
- ट्रैक पर ये होंगी सुविधाएं
प्रस्तावित ट्रैक को अत्याधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा, जहां चालक के कौशल के साथ-साथ वाहन की तकनीकी जांच भी की जा सकेगी। इसमें निम्न सुविधाएं शामिल होंगी :
- प्रदूषण जांच की आधुनिक व्यवस्था
- हार्न, लो बीम, हाई बीम की कार्यक्षमता की जांच
- टायरों की गुणवत्ता और पकड़ की मशीनों से परख
- ट्रैक पर कैमरे और सेंसर लगाए जाएंगे जो चालक की हर छोटी से छोटी गलती को भी पहचान सकेंगे।
- इस ट्रैक के निर्माण से न केवल लाइसेंसिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी, बल्कि सड़क सुरक्षा को भी मजबूती मिलेगी।