कंपनी कानिदेशक और सरगना की पत्नी व बहन गिरफ्तार
नोएडा। रिटेल स्टोर की फ्रेंचाइजी देने के नाम पर ठगी के मामले में पुलिस ने आरोपियों की एक कंपनी के निदेशक और दो महिलाओं को सेक्टर-63 इलेक्ट्रानिक सिटी मेट्रो स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया। एक महिला गिरोह के सरगना राजेश कुमार वर्मा की पत्नी और दूसरी बहन बताई जा रही है। आरोपियों के कब्जे से एक कार और अन्य दस्तावेज बरामद हुए हैं।
इंस्पेक्टर अमित कुमार सिंह ने बताया कि हाइपर मार्ट नाम से कंपनी बनाकर फ्रेंचाइजी देने के नाम पर देशभर मे कई लोगों से करीब 100 करोड़ की ठगी की गई। आरोपियों के खिलाफ करीब 40 लोगों ने शिकायत दी है। 8 लोगों ने फेज-3 कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। रविवार को सूचना मिली कि आरोपियों की एक कंपनी का निदेशक किसी से मिलने सेक्टर-63 स्थित ऑफिस के पास आ रहा है। आरोपी उपेंद्र कुमार वर्मा (निदेशक, वेस्टलैंड ट्रेड प्रा. लि.) इलेक्ट्रानिक मेट्रो स्टेशन के पास आया तभी पुलिस ने उसेे गिरफ्तार कर लिया। उसकी कार में गिरोह के सरगना राजेश कुमार वर्मा की पत्नी नेहा चौहान और उसकी बहन सोनम वर्मा भी थी। उन दोनों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। फर्जी कंपनी का निदेशक उपेंद्र मूलत: गोरखपुर के नगर पंचायत बासगांव थाना बासगांव का रहने वाला है। वह इन दिनों गुरुग्राम में सोहना रोड पर रह रहा था। राजेश की पत्नी और बहन को अपने घर ले जा रहा था। आरोपी कुछ दस्तावेज लेने सेक्टर-63 आया था। पुलिस के अनुसार राजेश का परिवार गाजियाबाद के फ्लैट संख्या 1507, गौर कास्केट राजनगर एक्सटेंशन में रह रहा था। आरोपी उपेंद्र के कब्जे से वैन्यू कार और उसके नाम के दो पेनकार्ड बरामद हुए हैं।
सरगना की तलाश जारी, पासपोर्ट बैन कराया
गिरोह के सरगना राजेश कुमार वर्मा का पासपोर्ट पुलिस ने बैन करा दिया है। ताकि वह पुलिस की गिरफ्त से ज्यादा दूर नहीं भाग सके। रविवार को उसकी लोकेशन एनसीआर में ही बताई गई। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए कई स्थानों पर दबिश भी दी, लेकिन सफलता नहीं मिली।
पत्नी और बहन भी कंपनियों में थीं पदाधिकारी
दस्तावेज में कंपनी का निदेशक और मालिक कोई भी हो, लेकिन सभी चेक पर हस्ताक्षर राजेश कुमार ही करता था। पुलिस सूत्रों का दावा है कि वह कितने भी कठिन साइन, एक बार देखकर दो से तीन मिनट में ही हूबहू कर देता था। रविवार को पुलिस को मिले दस्तावेज से पता चला कि राजेश ने अपनी पत्नी और बहन के नाम पर भी संपत्ति ले रखी थी। कुछ कंपनियों में उन्हें पदाधिकारी बनाया गया था।
पुलिस हिरासत में सोनम वर्मा।
पुलिस हिरासत में उपेन्द्र कुमार।