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Noida News: संशोधित<bha>--</bha> बिना परमिट दौड़ रहीं स्कूल बसों में टक्कर, 18 बच्चे घायल

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आमका-रूपबास सिंगल लेन मार्ग पर हुआ हादसा
- रामाज्ञा के चालक की लापरवाही आई सामने, जीसस एंड मेरी के बच्चे बने हादसे के शिकार
- दोनों चालकों पर प्राथमिकी दर्ज, पुलिस मामले की जांच में जुटी


माई सिटी रिपोर्टर
दादरी/ग्रेटर नोएडा। आमका-रूपबास सिंगल लेन मार्ग पर सोमवार की सुबह बिना परमिट के संचालित दो स्कूलों की बसों की टक्कर में 18 बच्चे घायल हो गए। पुलिस ने दोनों चालकों पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, हादसा दादरी कोतवाली क्षेत्र के राणा का बाग मोड़ के पास सुबह करीब सात बजे हुआ।
जानकारी के अनुसार, चालक संजीव (35) जीसस एंड मेरी काॅन्वेंट की बस से 25 बच्चों को लेकर दादरी से ग्रेटर नोएडा की ओर जा रहा था। इसी दौरान गलत दिशा से सामने से तेज रफ्तार में आ रही रामाज्ञा स्कूल की खाली बस, जिसे महमूद चला रहा था ने बच्चों से भरी बस में टक्कर मार दी। महमूद ने मोड़ पर नियंत्रण खो दिया और गलत लेन में घुस गया, जिससे टक्कर हुई। महमूद के खिलाफ पहले से ही यातायात नियमों के उल्लंघन के 97 चालान दर्ज हैं। हादसे के बाद बस में बैठे बच्चे डर से चीखने-चिल्लाने लगे और आरोपी चालक बस छोड़कर भाग गया।
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दुकानदारों और राहगीरों ने बचाया
घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानदारों और राहगीरों ने बस में फंसे बच्चों को निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस भी पहुंची और घायलों को निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। कुल 25 में से 18 बच्चे घायल हुए, जिनमें से सात को सिर में चोट आने के कारण अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।


ये हुए भर्ती
अस्पताल में भर्ती बच्चों में शौर्य नागर (कक्षा चार), पारिषा शुक्ला (एलकेजी), जानवी शुक्ला (पांचवीं), पिहू मित्तल (कक्षा दो), मेघना शुक्ला (कक्षा छह), अभिषेक शुक्ला (दसवीं) और अनाईशा (कक्षा दो) शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार सभी बच्चे खतरे से बाहर हैं।
दोनों वाहन लिए गए कब्जे में
हादसे की सूचना मिलते ही एआरटीओ प्रवर्तन उदित नारायण पांडेय और एआरटीओ प्रशासन नंद कुमार उपाध्याय मौके पर पहुंचे और दोनों बसों की जांच की। जांच में खुलासा हुआ कि दोनों बसें बिना परमिट के संचालित हो रहीं थीं। इसके बाद एआरटीओ ने कोतवाली में दोनों चालकों के खिलाफ प्राथमिकी कराई। एसीपी दादरी जितेंद्र कुमार ने बताया कि दोनों वाहनों को कब्जे में ले लिया गया है। प्रारंभिक जांच में नियमों की अनदेखी सामने आई है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।





बस में नहीं था हेल्पर
नियमों के अनुसार स्कूल बस में चालक के साथ एक हेल्पर का होना अनिवार्य है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। लेकिन, प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि दुर्घटना के वक्त बस में केवल चालक ही मौजूद था। घटना के बाद सड़क पर करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। पुलिस ने जेसीबी मशीन की मदद से क्षतिग्रस्त बसों को हटवाया।
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अभिभावक में दिखी नाराजगी
अभिभावकों में हादसे को लेकर आक्रोश है। अस्पताल पहुंचे शौर्य नागर के पिता अधिवक्ता विशाल नागर ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रबंधन ने बिना परमिट की बसों को अनुबंध पर लगाकर बच्चों की जान जोखिम में डाल दी। स्कूल प्रबंधन सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहा है। अभिभावकों ने प्रशासन से दोषी स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है।

कोट

स्कूल की बस नहीं थी। सूचना पर प्रधानाचार्य भी मौके पर गए थे। अभिभावकों से अस्पताल में बात की गई। -रमन सिंह, मीडिया प्रभारी, जीसस एंड मैरी स्कूल
तकनीकी खराब आने के कारण बस का संतुलन बिगड़ गया। इस वजह से दुर्घटना हुई। - रीना गुप्ता, प्रधानाचार्या, रामाज्ञा स्कूल
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