समाज कल्याण विभाग से छात्रवृत्ति जारी न होने के चलते कई कॉलेजों ने छात्रों को इंटरनल परीक्षा में बैठने से रोक दिया है। शुक्रवार को छात्र इसी समस्या लेकर समाज कल्याण विभाग के चक्कर काट रहे थे।
हालांकि, शनिवार को इस मामले में मुख्य विकास अधिकारी माखन लाल गुप्ता ने संज्ञान लेते हुए निजी कॉलेजों से छात्रों को परीक्षा देने से न रोकने के लिए पत्र भेजा है।
एससी-एसटी वर्ग के करीब 1882 छात्रों की छात्रवृत्ति का मामला अटकने से जिले के कई कॉलेजों ने फीस न जमा होने पर परीक्षा में न बैठने देने की चेतावनी दी थी।
शनिवार को कुछ कॉलेजों ने प्री यूनिवर्सिटी एग्जाम में छात्र-छात्राओं को बैठने से मना कर दिया। कुछ कॉलेजों में चल रही प्रयोगात्मक परीक्षा भी देने से इन्हें रोक दिया गया। बताया जा रहा है कि दो दिनों में चार कॉलेजों के करीब 400 छात्रों परीक्षा देने से रोका गया है।
वहीं, कॉलेजों ने फीस न जमा होने पर 20 मई को होने वाले सेमेस्टर एग्जाम में न बैठने देने की चेतावनी भी दी है।