अवैध निर्माण पर पुलिस-प्रशासन प्राधिकरण मिलकर करेंगे प्रहार
सीएम ने अवैध कॉलोनियों पर लगाम लगाने के लिए पुलिस को नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण के साथ मिलकर कार्रवाई के निर्देश दिए। इस संबंध में प्रस्ताव और रूपरेखा तैयार कर कार्रवाई के लिए कहा। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह इस दौरान गैंगस्टर एक्ट के तहत की गई कार्रवाई, ऑपरेशन कन्विक्शन, ऑपरेशन दृष्टि में प्रदेश में अव्वल रहने पर प्रशंसा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि नोएडा और ग्रेनो में तेजी से विकास कार्य होने और विश्वस्तरीय परियोजना आने के कारण लगातार जमीन की कीमतों में बढ़ोतरी हो रही है। यहां दूसरे जिले व राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आकर काम कर रहे हैं। इसके कारण यहां की आबादी भी लगातार बढ़ती जा रही है। यही वजह है कि अवैध कॉलोनियों का यहां लगातार निर्माण हो रहा है।
इसके अलावा हिंडन व यमुना किनारे डूब क्षेत्र में अवैध कब्जे व अतिक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं। इस पर एनजीटी भी नाराजगी जता चुका है। प्रस्तुतिकरण में पूरे मामले से अवगत कराने के बाद सीएम ने अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर रोक लगाने व ऐसे लोगों पर कार्रवाई के लिए योजना बनाने के निर्देश दिए।
विकसित भारत के लिए उद्योगों से जोड़ने होंगे विश्वविद्यालय
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए विश्वविद्यालयों को उद्योगों से जोड़ना होगा। छात्रों को शोध व विकास के लिए काम करना होगा। नई शिक्षा नीति में इसी पर जोर दिया गया है।
सीएम योगी ने ग्रेटर नोएडा स्थित निजी विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कहा कि युवाओं को सही राह दिखाने से ही देश 2047 में विश्व की बड़ी ताकत बनकर उभरेगा। तक्षशिला व नालंदा जैसे विश्वविद्यालयों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, प्राचीन विश्वविद्यालय इनोवेशन व शोध के केंद्र थे। इसी वजह से भारत विश्व गुरु था। हमें गौरवशाली विरासत पहचानने की जरूरत है। जब से प्रक्रिया छोड़ी है, दूसरे देश लाभ उठाने लगे हैं। शिक्षण संस्थान शोध व विकास पर काम शुरू करें, तो भारत को फिर विश्व गुरु बनने से कोई नहीं रोक पाएगा।
नोएडा-ग्रेनो में हो ईज ऑफ लिविंग
सीएम योगी ने नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना प्राधिकरण को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के शहर से ईज ऑफ लिविंग शहर बनाने का लक्ष्य तय करने को कहा। उन्होंने गौतमबुद्ध नगर को सुरक्षित शहर के रूप में विकसित करने की जरूरत भी बताई। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय (जीबीयू) में तीनों प्राधिकरणों की समीक्षा बैठक में सीएम योगी ने अफसरों से कहा कि आपके पास जितनी जमीन कब्जे में हो, उतनी का ही आवंटन किया जाए, ताकि आवंटियों को पहले की तरह परेशान नहीं होना पड़े।