- जनपद न्यायालय में पहुंचे गौरव भाटिया द्वारा हड़ताल के दौरान कॉलरबैंड नहीं उतारने पर बने हालात
- सुप्रीम कोर्ट अधिवक्ता के साथ ही भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं गौरव भाटिया
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सूरजपुर स्थित जनपद न्यायालय में बुधवार को सुप्रीम कोर्ट के वकील व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया का जनपद के अधिवक्ताओं से विवाद हो गया। मौके पर दोनों ओर से धक्का-मुक्की हो गई। स्थानीय अधिवक्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता का कॉलर बैंड भी जबरन उतार दिया। इससे मामला उग्र हो गया। हालांकि संबंधित अदालत के न्यायाधीश ने मामला शांत कराया। स्थानीय अधिवक्ताओं ने एक साथी के पिता पर रिपोर्ट दर्ज होने के विरोध में हड़ताल की घोषणा कर रखी थी। जबकि सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता एक मुकदमे की पैरवी के लिए पहुंचे थे।
जिला अदालत में अधिवक्ता मयूख भाटी के पिता पर थाना बीटा-2 में मुकदमा दर्ज हुआ है। इसे लेकर अधिवक्ताओं की बैठक हुई। बैठक के दौरान ही पुलिस की इस कार्रवाई पर विरोध जताते हुए बार अध्यक्ष उमेश भाटी और सचिव धीरेंद्र भाटी ने हड़ताल की घोषणा कर दी। इसी दौरान सूचना मिली कि कुछ अदालतों में अधिवक्ता काॅलरबैंड बांधकर काम कर रहे हैं। इसे लेकर हड़ताली अधिवक्ता अदालतों में जाकर हड़ताल की सूचना दे रहे थे।
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता व भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया किसी मामले की पैरवी करने सूरजपुर कोर्ट पहुंचे तो उन्हें स्थानीय अधिवक्ताओं ने बताया कि आज हड़ताल की घोषणा हो गई है और इसका कारण भी बताया। इस दौरान अदालत में मौजूद जनपद के अधिवक्ताओं ने कॉलर बैंड उतार दिया, लेकिन दिल्ली के अधिवक्ता की ओर से ऐसा नहीं किया गया। स्थानीय कुछ अधिवक्ताओं ने उनसे कॉलरबैंड उतारने के लिए कहा, मगर सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और भाजपा नेता ने कॉलर बैंड नहीं उतारा। इस पर एक स्थानीय अधिवक्ता ने कॉलर बैंड खींचकर उतार दिया। इसी बात पर दोनों ओर से अधिवक्ताओं कहासुनी और धक्का-मुक्की हो गई। इस बीच घटना की जानकारी पुलिस को हुई और वह मौके पर पहुंची। हालांकि जब तक दोनों पक्षों के बीच मामला शांत हो चुका था। सूरजपुर पुलिस ने संबंधित अधिवक्ता को सुरक्षा के साथ ग्रेटर नोएडा की सीमा को भी पार कराया।
जिला अदालत परिसर में अधिवक्ताओं में नोकझोंक होने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन जब तक दोनों पक्ष शांत हो चुके थे। किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत पुलिस को नहीं दी गई है। -हृदेश कठेरिया, एडीसीपी सेंट्रल
वकीलों को लगा एल्विश के लिए आए हैं
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता जब बुधवार को सूरजपुर कोर्ट पहुंचे तो स्थानीय अधिवक्ताओं को लगा कि एल्विश यादव मामले में वह वकील हैं और वह इसलिए हड़ताल में काम करने पर जोर दे रहे हैं। हालांकि धक्का-मुक्की के बाद तस्वीर साफ हुई कि गौरव भाटिया एल्विश यादव प्रकरण में नहीं बल्कि किसी अन्य मामले में पैरवी को कोर्ट पहुंचे थे।
अधिवक्ताओं ने डीसीपी कार्यालय पर प्रदर्शन घेराव किया
ग्रेटर नोएडा। साथी अधिवक्ता के पिता के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के विरोध में बुधवार को अधिवक्ताओं ने डीसीपी साद मियां खान के कार्यालय पहुंच कर प्रदर्शन किया। अधिवक्ताओं की मांग थी कि वकील के पिता पर दर्ज किए गए मुकदमे को रद्द किया जाए। जिला बार एसोसिएशन की एक बैठक अध्यक्ष उमेश भाटी अध्यक्षता में हुई थी। इसमें कहा गया कि साथी अधिवक्ता पी-4 में रहने वाले मयूख भाटी के पिता पर थाना बीटा-2 में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मुकदमा गलत है। बार एसोसिएशन के सचिव धीरेंद्र भाटी ने बताया कि बैठक में बुधवार को हड़ताल होना तय हुआ। विरोध के इसी सिलसिले में अधिवक्ता डीसीपी कार्यालय पहुंचे थे। डीसीपी ने मामले में जांच कर कार्यवाही का आश्वासन दिया है। ब्यूरो
जिला न्यायालय परिसर में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव भाटिया के साथ मारपीट और अभद्रता जैसी कोई घटना नहीं हुई है। जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह निराधार है। हालांकि यदि उनके मान सम्मान को कोई ठेस पहुंची है तो बार एसोसिएशन उनके साथ है। गौरव भाटिया बड़े अधिवक्ता और नेता हैं। कुछ लोग इसका लाभ उठाते हुए उनको बदनाम करने की नीयत से अफवाह फैला रहे हैं। अध्यक्ष और सचिव उनके साथ हैं। - उमेश भाटी, अध्यक्ष,बार एसोसिएशन गौतमबुद्धनगर।