एससी, एसटी, ओबीसी और आर्थिक तौर पर कमजोर छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगी मुफ्त कोचिंग
केजरीवाल ने कहा, 2017 में भी शुरू हुई थी योजना, लेकिन बीच में हो गई थी बंद, अब दोबारा से योजना हो रही शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने गरीब बच्चों को कोचिंग की सुविधा दिलाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वाले जरूरतमंद छात्रों को मुफ्त कोचिंग दिलवाएगी। शुक्रवार को मुख्यमंत्री आतिशी की अध्यक्षता में दिल्ली कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एससी/एसटी, ओबीसी और आर्थिक तौर पर कमजोर छात्र इसका लाभ उठा सकेंगे।
मुख्यमंत्री आतिशी व आप संयोजक अरविंद केजरीवाल ने प्रेसवार्ता में बताया कि पहले 2017 में आप सरकार ने योजना शुरू की थी। इसमें जरूरतमंदों को कोचिंग दिलवाई जाती थी। आमतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग महंगी होती है। जरूरतमंद तबके के पास इसके लिए पैसा नहीं है। इससे उन्हें मौका नहीं मिलता, जबकि वे काबिल होते हैं। सरकार की कोशिश अमीर तबके के बच्चों की तरह इन्हें भी अवसर मुहैया करवाना है। केजरीवाल ने बताया कि 12वीं पास या ग्रेजुएशन के बाद अगर कोई बच्चा मेडिकल, इंजीनियरिंग, रेलवे, यूपीएससी समेत दूसरी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए कोचिंग में एडमिशन लेता है तो दिल्ली सरकार सारा खर्चा देती थी। बाद में ढाई हजार रुपये महीना भी देना शुरू किया था, ताकि पढ़ते समय छात्र अपने कोचिंग इंस्टीट्यूट आने-जाने समेत बाकी खर्च भी उठा सकें, लेकिन कोरोना काल में आई दिक्कतों और उनके जेल जाने के बाद यह योजना ठप पड़ गई।
पुराने बकाये का भी सरकार करेगी भुगतान
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि योजना को जानबूझकर ठप कर दिया गया। अब दिल्ली सरकार ने इसे दोबारा चालू कर दिया है। जितना भी पुराना भुगतान बकाया था और जेल जाने के बाद जो भुगतान रोक दिया गया, उसका वेरिफिकेशन करवाकर कोचिंग संस्थानों को पैसे दिए जाएंगे। योजना का दोबारा रजिस्ट्रेशन चालू कर बच्चों को लाभ दिया जाएगा।
छात्र लें कोचिंग में दाखिला, सरकार करेगी भुगतान
केजरीवाल ने अपील की कि ज्यादा से ज्यादा लाभार्थी योजना का लाभ लें। बच्चों को शिक्षा देने के लिए जितना भी पैसा खर्च करना पड़ेगा, सरकार करेगी। सबसे पहले शिक्षा पर पैसा खर्च होना चाहिए, इसलिए इस योजना में लाभार्थियों की कोई अंतिम सीमा नहीं है। यह कोई स्कॉलरशिप योजना नहीं है। छात्र जिस कोचिंग इंस्टीट्यूट में पढ़ना चाहता है, वहां जाकर दाखिला ले। सरकार सीधे कोचिंग इंस्टीट्यूट को पैसे देती है। उनसे पैसे नहीं लिए जाते।
भाजपा की साजिश हुई नाकाम : आतिशी
मुख्यमंत्री आतिशी ने योजना के दोबारा शुरू करने को लेकर एक्स पर पोस्ट साझा की। आतिशी का आरोप है कि केजरीवाल को जेल भेजने की साजिश रचकर मुख्यमंत्री जय भीम योजना को ठप कर दिया गया था, लेकिन शिक्षा के जरिये गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को आगे बढ़ाने के उनके विजन के आगे सारी साजिश नाकाम हो गई। दिल्ली कैबिनेट ने मुख्यमंत्री जय भीम योजना फिर शुरू की है। इससे प्रतियोगी परीक्षाओं की फ्री कोचिंग पाकर युवा सपनों को पूरा कर सकेंगे।