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मुख्यमंत्री ने 44 गांवों के किसानों को दिया लीज बैक का तोहफा

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ग्रेटर नोएडा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे के एक दिन बाद ही बृहस्पतिवार को क्षेत्र के 44 गांवों के 1451 किसानों को बड़ा तोहफा दिया है। मुख्यमंत्री ने किसानों की वर्षों से लंबित लीज बैक (आबादी की भूमि या मकान वापस करना) का लाभ देने की मांग को मंजूरी दे दी है। ग्रेटर नोएडा आए मुख्यमंत्री से किसान नेता डॉ. रूपेश वर्मा ने आबादी निस्तारण के मामलों में गठित विशेष जांच टीम (एसआईटी) की रिपोर्ट दिलाने की मांग की थी। इसके बाद योगी ने लीज बैक का लाभ देने के साथ अन्य जायज लंबित मामलों को भी संज्ञान में लेते हुए शीघ्र निस्तारण के लिए अधिकारियों को आदेश दिए हैं।
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जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया है। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि मुख्यमंत्री ने किसानों की वर्षों पुरानी मांगों को पूरा कर दिया है। किसान लीज बैक और दूसरी अन्य मांगों को लेकर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे थे। ग्रेनो प्राधिकरण के अंतर्गत 2192 किसानों के आवासीय लीज बैक के मामले थे। जांच के बाद प्राधिकरण ने लगभग 350 मामले निस्तारित कर आवासीय भूमि वापस कर दी थी। लगभग 1850 लंबित मामलों में से 1451 की की जांच एसआईटी को दी गई थी।
डॉ. रूपेश ने मुख्यमंत्री से कहा था कि अधिग्रहण में बड़ी संख्या में किसानों की आवासीय पुश्तैनी जमीनें ली गई हैं। पूर्व में सरकारों ने अधिग्रहण के दौरान इन्हें लीज बैक करने का वादा किया था। इसके लिए भाजपा सरकार की ओर से एसआईटी गठित कर जांच की जानी थी। अभी तक इसकी रिपोर्ट नहीं मिली है। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा था कि उनकी जानकारी में यह मामला है। इसे जल्द निपटाया जाएगा। जेवर विधायक ने बताया कि बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री ने लीज बैक की मंजूरी दे दी। उन्होंने किसानों के अन्य लंबित प्रकरणों को शीघ्र निस्तारित करने को कहा है। हालांकि, प्राधिकरण की ओर से अभी आदेश न मिलने की बात कही गई है।
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यह होता है लीज बैक
प्राधिकरणों ने खेती की भूमि अधिगृहीत कर विकास कार्य किए। किसानों के आवासों, घेर आदि की भूमि भी अधिग्रहण प्रक्रिया में चली गई। ऐसी आवासीय भूमि को नियम के अनुसार प्राधिकरण किसानों को वापस करता है। इस प्रक्रिया को लीज बैक कहा जाता है।
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अभी शासन की ओर से ग्रेनो प्राधिकरण को आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। शायद एक-दो दिन में आदेश मिल जाए। इसके बाद लीज बैक की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
- जितेंद्र सिंह तहसीलदार, ग्रेनो प्राधिकरण
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