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Noida News: कलम की गवाही का इंतजार, हैंडराइटिंग रिपोर्ट ने रोकी चार्जशीट

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- शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस की छात्रा की आत्महत्या का मामला
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- सुसाइड नोट और प्रोजेक्ट फाइल की हैंडराइटिंग की फॉरेंसिक रिपोर्ट के इंतजार में अटकी चार्जशीट

माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। शारदा यूनिवर्सिटी में बीडीएस छात्रा की आत्महत्या किए जाने के मामले में नॉलेज पार्क कोतवाली पुलिस की ओर से सुसाइड नोट और प्रोजेक्ट फाइल पर किए हस्ताक्षर का मिलान करने के लिए दोनों चीजों को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया था। लेकिन करीब डेढ़ माह बाद भी गाजियाबाद स्थित विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है। जिस कारण अब तक चार्जशीट दाखिल नहीं हो पा रही है।
दरअसल विश्वविद्यालय के हॉस्टल में आत्महत्या करने वाली छात्रा ज्योति शर्मा परीक्षा से पहले प्रोजेक्ट फाइल पर प्रोफेसरों के हस्ताक्षर नहीं करने से आहत थी। आरोप है कि छात्रा प्रोफेसरों के पास प्रोजेक्ट की फाइल पर हस्ताक्षर के लिए गई थी। लेकिन प्रोफेसरों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था। प्रोफेसरों ने छात्रा से कहा कि वह तो खुद ही हस्ताक्षर कर लेती है। वहीं यूनिवर्सिटी ने छात्रा के स्वयं से प्रोजेक्ट पर हस्ताक्षर करने के आरोप लगाए थे। पुलिस की ओर से इस बात की जांच की जा रही है कि क्या छात्रा ने पहले किसी प्रोफेसर के हस्ताक्षर खुद से किए थे क्या। इसी के लिए प्रोजेक्ट रजिस्टर को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
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वहीं मृतका के परिजन का आरोप है कि छात्रा ने प्रोफेसरों की मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या की थी। घटना स्थल से सुसाइड नोट भी मिला था। जिसमें उसने प्रोफेसर महेन्द्र व शैरी वशिष्ठ पर मानसिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए दोनों प्रोफेसर को आत्महत्या के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पुलिस की ओर से सुसाइड नोट को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
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