वाल्टरगंज। सदर ब्लाॅक के चाईबारी गांव में प्राथमिक विद्यालय के सामने बना कृषि गोदाम विभागीय लापरवाही के चलते जर्जर हो गया है। लाखों रुपये की लागत से तैयार यह भवन अब झाड़-झंखाड़ के बीच बेकार साबित हो रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर विभाग ध्यान देता तो यह भवन आज किसानों के लिए मददगार साबित हो सकता था। किसान चंद्रिका चौधरी और अरुण सिंह ने बताया कि गोदाम का निर्माण करीब दस वर्ष पहले पूरा हुआ था और बाद में ग्राम पंचायत को हैंडओवर भी कर दिया गया, लेकिन कृषि विभाग ने भवन को अपने उपयोग में नहीं लिया। इस कारण न तो बीज वितरण, न उर्वरक वितरण और न ही फसल भंडारण की कोई व्यवस्था यहां से हो सकी।
किसान राम कृपाल और संतोष सिंह का कहना है कि गोदाम का निर्माण किसानों की सुविधा के लिए किया गया था, ताकि गांव में ही कृषि संबंधी सामग्री उपलब्ध हो सके और फसल बेचने में भी सुविधा मिले। लेकिन अब यह भवन टूट-फूट कर खंडहर बन चुका है।
ग्राम प्रधान विश्वनाथ सिंह ने बताया कि यह गोदाम सन 1990 से 1995 के बीच तैयार हुआ। निर्माण के करीब 8 से 10 वर्ष बाद इसे ग्राम पंचायत को हैंडओवर किया गया, लेकिन तब से आज तक कृषि विभाग का कोई अधिकारी यहां नहीं पहुंचा।