नगीना/फिरोजपुर झिरका। बेरोजगारी से परेशान मेवात के पढ़े-लिखे युवाओं को नीति आयोग पर्यटन के क्षेत्र में काम करने का मौका दे रहा है। गाइड बनकर युवा पर्यटकों को सैर करा सकेंगे। वैसे इस क्षेत्र में रोजगार मिलने की अपार संभावनाएं हैं। इस सिलसिले में पर्यटन मंत्रालय की दो सदस्यीय टीम मेवात का दौरा कर चुकी है। 12वीं पास कर चुके युवाओं के लिए बेसिक टूरिस्ट फेस्लिटेटर प्रोग्राम (आईआईटीएएफ) शुरू किया है। इस कोर्स में दाखिला लेने के लिए 18 से 40 वर्ष तक के युवाओं को मौका दिया गया है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए गाइड कोर्स के अतिरिक्त सर्टिफिकेट कोर्स भी शुरू किए गए हैं। प्रदेश में इस कोर्स के लिए केवल मेवात जिले को चुना गया है। हालांकि हरियाणा की सीमा से सटे राजस्थान में धौलपुर, करौली, जैसलमेर, सिरोही, बारन और उत्तरप्रदेश के फतेहपुर, बहराइच, चित्रकूट, सहरावटी, बलरामपुर, सिद्धार्थ नगर, चांदोली, सोनभद्र जिले भी शामिल किए गए हैं। मेवात में रोजगार नहीं है इसलिए केंद्र सरकार युवाओं को मुख्यधारा में लाना चाहती है। सीबीएसई से 12वीं पास करने वाली फरहत मेवाती, मंजू रानी, मनीषा का कहना है कि इस कोर्स के बारे में पता नहीं है यह नया है। पर्यटन मंत्रालय में सहायक निदेशक आईआईआरवी राव बताते हैं कि मेवात जिला देश का सबसे पिछड़ा जिला है। उन्होंने खुद युवाओं से बातचीत की है। उम्मीद है कि इस नए कोर्स में मेवात से हजारों की संख्या में युवा दाखिला लेंगे। कोर्स करने के बाद रोजगार मिलने के अवसर अधिक है। इस मौके का लाभ यहां के युवाओं को उठाना चाहिए।