पहले दो छात्राओं से छेड़छाड़ और बदतमीजी भी की, पीएचडी छात्र को कैंपस गेट पर पीटा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। जेएनयू में कार सवार युवकों ने मंगलवार रात को एक छात्रा के अपहरण का प्रयास किया। इससे पहले छात्रा को बाल पकड़कर घसीटा भी गया। आरोपियों ने बदतमीजी व छेड़छाड़ भी की। घटना के बाद भी आरोपी जेएनयू से भागे नहीं और मुख्य गेट पर पीएचडी छात्र की पिटाई कर दी। छात्रा की शिकायत पर वंसतकुंज (नार्थ) व छात्र की पिटाई मामले में किशनगढ़ थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। वहीं, दक्षिण-पश्चिमी जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटना को लेकर कई बातें स्पष्ट नहीं हैं। आरोपी की महिला दोस्त भी जेएनयू में पढ़ती है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले का खुलासा होगा।
जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेएनयू से भाषा (दूसरा वर्ष) की पढ़ाई कर रही एक छात्रा ने वसंतकुंज (नार्थ) थाने में शिकायत दी कि वह रात करीब सवा ग्यारह बजे सहेली के साथ जेएनयू में रिंग रोड पर घूम रही थी। इस बीच स्वीफ्ट कार में दो-तीन युवक वहां पहुंचे और छात्राओं से छेड़छाड़ व बदतमीजी की। इसके बाद एक युवक कार से उतरा और छात्रा को बाल पकड़कर घसीटकर अगवा करने का प्रयास किया। छात्राओं ने शोर मचाया तो आरोपी भागकर जेएनयू कैंपस के बाहर आ गए और कार का गेट खोलकर खड़े हो गए। जेएनयू से पीएचडी कर रहे छात्र रणधीर कुमार ने कार का गेट बंद करने को कहा तो आरोपियों ने उसकी पिटाई कर दी। रणधीर का कहना है कि आरोपियों ने शराब पी रखी थी। छात्रा को घसीटने वाली जगह पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। हालांकि, गेट से आरोपियों की हरियाणा नंबर की कार जेएनयू में अंदर आते-जाते दिखाई दे रही है।
आरोपी युवक की दोस्त भी जेएनयू में पढ़ती है
पुलिस का कहना है कि बुधवार शाम तक घटना पूरी तरह स्पष्ट नहीं हुई थी। एक आरोपी की दोस्त जेएनयू में पढ़ती है। आरोपी भी एक यूनिवर्सिटी का छात्र है। जांच में ये बात सामने आई है कि कार में मुनिरका व गुरुग्राम के दो से तीन युवक थे। कार आरोपी युवक के रिश्तेदार की है। वहीं, पुलिस की पूछताछ में छात्रा ने मुख्य आरोपी से किसी तरह की जान-पहचान होने से इंकार किया है।
जेएनयू की सुरक्षा पर सवाल उठे
बाहरी युवकों की कार कैंपस में आसानी से प्रवेश कर गई और वारदात को अंजाम देकर आरोपी बाहर आ गए। कैंपस के बाहर भी आरोपी काफी देर तक खड़े रहे। दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने जेएनयू की सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही बरतने की बात कही है। इससे पहले वर्ष 2020 में जेएनयू की सुरक्षा पर उस समय सवाल उठे थे जब बाहरी युवकों ने कैंपस में घुसकर तोड़फोड़ व मारपीट की थी।