ग्रेटर नोएडा। रेडटेप लिमिटेड कंपनी से एक करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी और फर्जी कर भुगतान चालान तैयार करने के आरोपी चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) चमन सिंह उर्फ चैतन्य चौहान को अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी पर गंभीर आर्थिक अपराध, धोखाधड़ी और कूटरचना का आरोप है। इस वजह से उसे जमानत देने का कोई औचित्य नहीं बनता।
अभियोजन के अनुसार वादी शशांक कुमार ने बताया गया कि रेडटेप लिमिटेड कंपनी के टैक्स मैनेजर रहे चमन सिंह उर्फ चैतन्य चौहान ने अन्य सह आरोपियों गौरव पांडे, सोनाली सिन्हा, गौरव राज, आयुष राज, आशीष कुमार और अमित कुमार गुप्ता के साथ मिलकर कंपनी से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम फर्जी चालानों के माध्यम से हड़प ली। आरोपी ने कंपनी को यह कहकर भुगतान कराने को प्रेरित किया कि हरियाणा और गुजरात राज्य में वैट कर की पुरानी देनदारियां हैं। इनका भुगतान तत्काल आवश्यक है। कंपनी को विश्वास लेकर रुपये का भुगतान संदिग्ध खातों में कराया। बाद में पता चला कि सरकारी वेबसाइट पर ऐसा कोई भुगतान नहीं हुआ है। ब्यूरो