संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। यात्रियों की सुविधा के लिए बनाया गया कासना बस स्टैंड अपने मकसद से दूर नजर आ रहा है। यहां बसें प्लेटफार्म पर खड़ी होकर सवारियों का इंतजार करती रहती हैं, लेकिन यात्री नहीं पहुंचते। आधे से एक घंटे तक इंतजार के बाद बसों को खाली ही परी चौक तक जाना पड़ता है। खास बात यह है कि परी चौक पहुंचते ही इन्हीं बसों को सवारियां मिल जाती हैं और इसके बाद बसें नोएडा समेत अन्य रूटों पर रवाना होती हैं।
कासना में बने बस स्टैंड में यात्रियों के लिए प्लेटफार्म, विश्राम कक्ष, कैंटीन और सार्वजनिक शौचालय जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। चालकों के लिए भी विश्राम कक्ष और कार्यालय की व्यवस्था है। ग्रेटर नोएडा डिपो की 107 बसें धुलाई के बाद रूट पर जाने से पहले यहां पहुंचती हैं।
सवाल उठता है कि जब यात्रियों की जरूरत और आवाजाही परी चौक पर है तो बसों का संचालन कासना बस स्टैंड से करने की व्यवस्था कितनी सही है।
पांच किलोमीटर दूर होने से यात्री नहीं पहुंचते
कासना बस स्टैंड ग्रेटर नोएडा के आवासीय सेक्टरों से करीब पांच किलोमीटर दूर है। यात्रियों के लिए यहां तक पहुंचना अतिरिक्त दूरी तय करने जैसा है। यही वजह है कि यात्री सीधे परी चौक पहुंचते हैं।
कासना स्टैंड पर सवारियां नहीं पहुंचती हैं। हर रूट की सवारियां परी चौक पर पहुंचती हैं। वहां बसें जाती हैं और सवारियां लेकर रूट पर रवाना होती हैं। - समीना अंजुम, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो