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Noida News: धूप में तपते, बारिश में फिसलते तब भी जीतते हैं स्वर्ण

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जूनियर राष्ट्रीय नेटबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले खिलाड़ी सुविधाओं के अभाव करते हैं अभियास
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संवाद न्यूज एजेंसी



ग्रेटर नोएडा। जिले में नेटबॉल के फूल अधूरी जमीन पर खिल रहे हैं। यों कहें कि हाल ही में मुजफ्फरनगर में जूनियर राष्ट्रीय नेटबॉल चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने वाले चार खिलाड़ियों का अभ्यास कई साल से अभाव में चला आ रहा है। सूरजपुर स्थित मलकपुर स्पोर्ट्स स्टेडियम में न तो बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही पर्याप्त संसाधन। इसके बावजूद इन जैसे खिलाड़ी राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में अपनी सुनहरी प्रतिभा साबित कर रहे हैं।
सुविधाएं
स्टेडियम में सुविधाओं का आलम यह है कि नेटबॉल कोर्ट पर टीन शेड तक नहीं है। लिहाजा खिलाड़ियों को धूप, सर्दी और बारिश में अभ्यास करना पड़ता है। गर्मी में दोपहर के समय कोर्ट इतना गर्म हो जाता है कि अभ्यास मुश्किल हो जाता है। बारिश में फिसलन के कारण चोट लगने का खतरा रहता है। स्टेडियम में अभी तक सिंथेटिक कोर्ट की भी व्यवस्था नहीं की गई है। इससे उन्हें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण नहीं मिल पा रहा है।
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परिणाम
जूनियर राष्ट्रीय नेटबॉल चैंपियनशिप में जिले के चारों खिलाड़ियों ने उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व किया था। टीम ने 18 वर्षों के बाद राष्ट्रीय प्रतियोगिता में ट्रॉफी पर कब्जा किया है। ऐसे में यदि खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिले तो वो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी देश का प्रतिनिधित्व कर सकते हैं। खिलाड़ियों का कहना है कि सुरक्षा और प्रदर्शन दोनों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचा जरूरी है।

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सरकारी प्रयास

प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी डॉ. परवेज अली के अनुसार, खिलाड़ियों को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रयास किए जा रहे हैं। स्टेडियम में खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। इसके लिए पहले चरण में कबड्डी व बैडमिंटन मैदान को दुरुस्त किया जाएगा। उसके बाद अन्य समस्याओं को भी दुरुस्त किया जाएगा। नेटबॉल कोर्ट को सिंथेटिक बनाने के लिए खेल निदेशालय स्तर पर प्रस्ताव भेजा जाएगा।

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क्या कहते हैं विजेता खिलाड़ी

टीन शेड नहीं होने की वजह से धूप और बारिश में अभ्यास करना पड़ता है। कई बार मौसम की वजह से पूरा सेशन भी खराब हो जाता है। -वीरेश सैनी

सिंथेटिक कोर्ट न होने से हमें सही तरीके से तैयारी करने में दिक्कत होती है। राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं सिंथेटिक कोर्ट पर होती हैं। -विशाल

गर्मी के समय कोर्ट इतना गर्म हो जाता है कि पैरों में जलन होने लगती है। इसके बावजूद हम अभ्यास नहीं छोड़ते हैं। हमें देश के लिए खेलना है। मोहम्मद हमम्माद
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यहां पर बेहतर सुविधाएं मिलें तो हम और अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंच सकते हैं। जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए। -सन्नी सिंह
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