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Noida News: अब डीम्ड ओसी के नाम पर कब्जा नहीं दे सकेंगे बिल्डर

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- यूपी रेरा के नए नियमों से खरीदारों को मिलेगा लाभ, कब्जा पत्र के साथ मिलेगी ओसी या सीसी की प्रतिलिपि
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। प्रदेश के बिल्डर डीम्ड ऑक्युपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) या कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) के नाम पर खरीदारों को कब्जा नहीं दे सकेंगे। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने इस पर रोक लगा दी है। बिल्डरों को यूपी रेरा के नए नियम के तहत तैयार प्रारूप में कब्जा पत्र देना होगा। जिसमें प्रोजेक्ट खरीदार के ओसी या सीसी की पूरी जानकारी देनी होगी। साथ ही खरीदार को ओसी या सीसी की प्रतिलिपि भी देनी होगी। इस फैसले से खरीदारों को रजिस्ट्री के लिए इंतजार नहीं करना होगा।

यूपी रेरा में 2000 से ज्यादा बिल्डरों के 3649 प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। नियम के तहत ओसी या सीसी मिलने के बाद ही प्रोजेक्ट में खरीदारों को कब्जा दिया जा सकता है, लेकिन ज्यादातर प्रोजेक्ट में बिल्डर ऐसा नहीं कर रहे हैं। डीम्ड ओसी के नाम पर खरीदारों को कब्जा पत्र जारी दिया जाता है। जारी किए जाने वाले कब्जा पत्र में बिल्डर बकाया धनराशि की भी मांग करते हैं। धनराशि लेने के बाद बिल्डर कब्जा दे दिया जाता है। हालांकि इसके बाद भी खरीदारों की रजिस्ट्री नहीं हो पाती है। इससे लाखों खरीदार परेशान हैं।
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समस्या के समाधान करने के मकसद से यूपी रेरा ने सख्त नियमों के साथ कब्जा पत्र प्रारूप बनाया हैं। यूपी रेरा के अधिकारियों ने बताया कि कब्जा पत्र केवल कब्जे से जुड़ा होगा। उसमें किसी तरह की बकाया धनराशि का जिक्र नहीं होगा। अगर ऐसा हुआ तो उसे कब्जा पत्र नहीं माना जाएगा। ओसी या सीसी जारी होने के बाद ही खरीदारों को कब्जा पत्र देना होगा। पत्र में ओसी या सीसी की पूरी जानकारी के साथ जिम्मेदार अधिकारी की जानकारी भी दी जाएगी। डीम्ड ओसी या सीसी पर कब्जा पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
ओसी और सीसी मिलने की भी देनी होगी सूचना
नए नियम के मुताबिक अब खरीदारों को ई-मेल, डाक, एसएमएस व फोन पर ओसी या सीसी मिलने की जानकारी दी जाएगी। ओसी या सीसी मिलने के दो माह के अंदर कब्जा पत्र जारी करना होगा। साथ ही एक प्रतिलिपि खरीदार को देनी होगी।



क्या है डीम्ड ओसी या सीसी
बिल्डर प्रोजेक्ट से जुड़ी लिफ्ट, फायर समेत चार एनओसी के साथ संबंधित प्राधिकरण में ओसी या सीसी के लिए आवेदन करते हैं। एक माह के अंदर प्राधिकरण की ओर से ओसी या सीसी जारी नहीं होने पर उसे डीम्ड ओसी या सीसी मान लिया जाता है। जिसके आधार पर बिल्डर कब्जा देना शुरू कर देते हैं। लेकिन अब बिल्डरों की परेशानी बढ़ेगी। ओसी या सीसी लेने से पहले प्राधिकरण का बकाया चुकाना होगा। साथ ही खरीदारों को कब्जा देने के साथ रजिस्ट्री करनी होगी।


अब बिल्डर कब्जा पत्र के नाम पर खरीदारों को भ्रमित नहीं कर सकेंगे। यूपी रेरा ने कब्जा पत्र का मॉडल तैयार किया है। जो पोर्टल पर उपलब्ध है। उसके अलावा अन्य किसी तरफ का कब्जा पत्र मान्य नहीं होगा। - संजय भूसरेड्डी, चेयरमैन, यूपी रेरा
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अब तक बिल्डर अपने-अपने तरीके से कब्जा पत्र जारी कर रहे थे। अब यूपी रेरा ने कब्जा पत्र देने का नियम बन दिया है, जो काफी कारगर साबित होगा। अब बिल्डर डीम्ड ओसी या सीसी पर कब्जा नहीं दे सकेंगे। इसका लाभ खरीदार को मिलेगा। रजिस्ट्री भी जल्द होगी। - सुरेश गर्ग, वाइस प्रेसिडेंट क्रेडाई वेस्टर्न यूपी
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