कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने प्रदेश के बिल्डरों को बड़ी राहत दी है। यूपी रेरा प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए अब दो साल का अतिरिक्त समय देगा। हालांकि यह समय विस्तार शर्तों के साथ मिलेगा। प्रदेश के करीब 100 से अधिक बिल्डरों को इसका लाभ मिलेगा। यूपी रेरा का कहना है कि प्रोजेक्ट जल्द पूरे होंगे तो लाखों खरीदारों को उनके घर पर कब्जा मिलेगा।
यूपी रेरा में प्रदेश के 3037 प्रोजेक्ट पंजीकृत है। काफी प्रोजेक्ट के पंजीकरण की वैधता पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण पूरा नहीं हुआ है। बिल्डर यूपी रेरा से समय विस्तार की छूट मांग रहे है। ताकि प्रोजेक्ट को पूरा कर सके। वहीं काफी बिल्डरों ने कोरोना महामारी का हवाला देकर लॉकडाउन के समय को शून्यकाल घोषित करने की मांग की है। मंगलवार को यूपी रेरा ने बैठक कर बिल्डरों की मांगों पर विचार किया। बैठक में यूपी रेरा ने बिल्डरों को कुल दो साल का अतिरिक्त समय देने का फैसला लिया है।
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि यूपी रेरा एक्ट के तहत प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए बिल्डर को एक साल का अतिरिक्त समय दिया जा सकता है। उसके अलावा यूपी रेरा बिल्डरों को एक और साल का अतिरिक्त समय देगा। जो कोरोना महामारी को ध्यान में रखा दिया गया है। इनमें पिछले साल के लिए छह माह और इस साल के लिए छह माह का समय दिया गया है। वहीं यूपी रेरा के इस फैसला का लाभ 100 से अधिक प्रोजेक्टों को मिलेगा। अभी तक यूपी रेरा करीब 30 प्रोजेक्ट को समय विस्तार दे चुका है।
जो प्रोजेक्ट पूरे हो सकेंगे, उन्हें मिलेगा लाभ
यूपी रेरा के अफसरों ने बताया कि समय विस्तार शर्तों के साथ मिलेगा। जो प्रोजेक्ट पूरा हो सकते है। केवल उन्हीं को समय विस्तार दिया जाएगा। साथ ही उस प्रोजेक्ट का नक्शा की वैधता होनी चाहिए। अगर प्रोजेक्ट का नक्शा पास नहीं है या वैधता समाप्त हो चुकी है तो उनका समय विस्तार का लाभ नहीं मिलेगा।
दो साल से अधिक पर खरीदारों की समहित जरूरी
अगर किसी बिल्डर को दो साल से अधिक का समय विस्तार चाहिए तो उनको खरीदारों की एसोसिएशन की सहमति लेकर आनी होगी। प्रोजेक्ट के 51 प्रतिशत खरीदारों की सहमति होनी जरुरी होगी। तभी उनको समय विस्तार मिलेगा।
समय खत्म होने पर रद्द हो जाएगा पंजीकरण
यूपी रेरा में पंजीकरण करने के समय बिल्डर प्रोजेक्ट को पूरा करने का समय देता है। समय पूरा होने के बाद बिल्डर का पंजीकरण रद्द हो जाता है। जिसके बाद यूपी रेरा खरीदारों के साथ मिलकर प्रोजेक्ट को पूरा कराने की प्रक्रिया शुरू करता है।
बिल्डरों को प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए दो साल का अतिरिक्त समय दिया गया है। जो शर्तों के साथ ही मिलेगा। जो प्रोजेक्ट पूरा हो सकते है, उन्हीं को इस फैसले का लाभ मिलेगा।- बलविंदर कुमार, सदस्य यूपी रेरा