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Noida News: बीबीए की शर्तों में बदलाव कर रहे बिल्डर, अब लगेगा जुर्माना

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- बिल्डरों की मनमानी पर यूपी रेरा सख्त, ओसी-सीसी लेने के बाद ही देना होगा फ्लैट पर कब्जा, तीन माह में करानी होगी रजिस्ट्री
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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। उत्तर प्रदेश भूसंपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने बिल्डर-बायर्स एग्रीमेंट (बीबीए) की शर्तों को पूरा करने के बाद ही खरीदारों को कब्जा देने का आदेश दिया है। यूपी रेरा ने बिल्डरों को शर्तों में किसी तरह का बदलाव नहीं करने की सख्त हिदायत दी है। साथ ही ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (ओसी) या कंप्लीशन सर्टिफिकेट (सीसी) के बिना किसी को कब्जा नहीं देने का आदेश दिया है। आदेश का पालन नहीं करने वाले बिल्डर पर प्रोजेक्ट की कुल कीमत का पांच फीसदी जुर्माना लगाने की चेतावनी दी गई है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ओसी लेने के बाद बिल्डर को तीन माह के अंदर रजिस्ट्री कर मूलभूत सुविधाओं के साथ कब्जा देना होगा। अगर किसी भी बीबीए में अधूरी सुविधाओं के साथ कब्जा दिया गया तो वह अवैध करार दिया जाएगा। अहम है कि बिल्डर रेडी टू मूव के नाम पर भी खरीदारों को फ्लैट बेच रहे हैं। हाल ही यूपी रेरा के पास ऐसी कई शिकायतें मिली हैं। जिसमें कहा गया है कि बिल्डर बिना ओसी व सीसी के खरीदारों को कब्जा दे रहे हैं। कब्जा देने के बाद रजिस्ट्री भी नहीं कर रहे हैं। जिस पर यूपी रेरा ने आदेश जारी कर बिल्डरों को सख्त चेतावनी दी है। रेरा अधिकारियों ने बताया कि बिल्डरों को नियम व शर्तों में बिना बदलाव के रजिस्ट्री करानी होगी।
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ओसी के तीन माह में करानी होगी रजिस्ट्री
अहम है कि यूपी रेरा में इस समय 3889 प्रोजेक्ट पंजीकृत हैं। इनमें से कई प्रोजेक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन संबंधित प्राधिकरण से प्रोजेक्ट का ओसी या सीसी नहीं मिला है।
कुछ माह पहले जारी हुआ था प्रारूप
यूपी रेरा ने बीबीए का प्रारूप जारी किया था। जिसके आधार पर बिल्डरों को खरीदारों के साथ एग्रीमेंट करना होता है। बीबीए के तहत ओसी या सीसी लेने के बाद सभी सुविधाओं के साथ खरीदारों को प्रोजेक्ट में कब्जा दिए जाने का प्रावधान है। बीबीए के बाद ही बिल्डर 10 प्रतिशत से अधिक धनराशि ले सकते है।

नोएडा और ग्रेटर नोएडा में फंसे है लाखों खरीदार
बिल्डरों की मनमानी के कारण नोएडा और ग्रेटर नोएडा में लाखों खरीदार फंसे हुए हैं। उन्हें बिना रजिस्ट्री और मूलभूत सुविधाओं के फ्लैटों का कब्जा दे दिया गया। करीब पांच वर्ष से खरीदार रजिस्ट्री कराने की मांग कर रहे हैं। अमिताभकांत कमेटी की सिफारिश के बाद कुछ प्रोजेक्ट में रजिस्ट्री शुरू हुई है। हालांकि अभी भी लाखों खरीदार मालिकाना हक मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

मजबूरी का फायदा उठा रहे बिल्डर
बिल्डर खरीदारों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। लंबे समय से इंतजार कर रहे खरीदार दूसरी जगह किराया दे रहे है। किराये से बचने और अपना घर होने की लालसा का फायदा बिल्डर उठा रहे है। आरोप है कि बिल्डर अधूरी सुविधा व रजिस्ट्री के बिना कब्जा देने से पहले खरीदारों से लिखित एनओसी ले रहे हैं। ताकि कानूनी कार्रवाई से बच सके। नोएडा और ग्रेटर नोएडा में ऐसे 100 से अधिक प्रोजेक्ट हैं।
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कोट

ओसी या सीसी लेने व रजिस्ट्री कराने के बाद ही रेडी टू मूव अपार्टमेंट में भौतिक कब्जा दिया जाएगा। ऐसा नहीं करने को वाले बिल्डरों पर दंडनीय कार्रवाई की जाएगी। बिल्डर किसी भी नियम व शर्तों में बदलाव भी नहीं कर सकेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। - महेंद्र वर्मा, सचिव यूपी रेरा
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