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Noida News: साले ने 15 लाख की सुपारी दे बागपत से बुलाए थे शूटर

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आर्यावर्त बैंक के डाटा मैनेजर की हत्या में साला और उसका मैनेजर गिरफ्तार
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डाटा मैनेजर का घर से ही किया पीछा, डाटा सेंटर के बाद कार में टक्कर मारी, बाहर निकलते दाग दीं गोलियां

माई सिटी रिपोर्टर

ग्रेटर नोएडा। गोली मारकर आर्यावर्त बैंक के डाटा मैनेजर मंजीत मिश्रा की हत्या में पुलिस ने रविवार को कई अहम खुलासे किए। ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस का दावा है कि मध्यस्थता से परेशान होकर कारोबारी साले दिल्ली निवासी सचिन राठौर ने हत्या की योजना बनाई और अपने मैनेजर प्रवीण उर्फ तिलके निवासी बागपत को 15 लाख की सुपारी दी थी। पुलिस ने सचिन और प्रवीण को डाटा सेंटर के पास से गिरफ्तार कर लिया है। उनसे चेकबुक, डेबिट कार्ड, आर्यावर्त बैंक की किताब बरामद की है। मृतक की पत्नी, दूसरे साले और ससुर की भूमिका की जांच की जा रही है।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा जोन शक्ति मोहन अवस्थी का कहना है कि डी पार्क के पास शुक्रवार को बिहार के दरभंगा के मंजीत मिश्रा (29) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जांच में पता कि मंजीत वर्तमान में गाजियाबाद के वसुंधरा में परिवार के साथ रह रहे थे। टीम ने घटनास्थल व उसके आसपास और मृतक के घर से नोएडा तक 100 कैमरों की जांच की। इसमें पता चला कि जब मंजीत घर से कार से डाटा सेंटर के लिए निकले तो बाइक सवार दोनों शूटर उनके पीछे लग गए। डाटा सेंटर तिराहे के पास मौका मिलते ही दोनों ने मंजीत की कार में टक्कर मारी। इसके बाद मंजीत कार से उतरे और आरोपियों से बहस करने लगे। तभी हमलावरों ने उनके सिर में गोली मार दी और मौके से फरार हो गए।
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मोहन नगर में होटल में रुके थे शूटर
पुलिस ने बताया कि शूटर बागपत से 20 फरवरी को आए थे। दोनों शूटरों को ओयो होटल मोहन नगर में रुकने का इंतजाम किया गया था। 21 फरवरी को दोनों ने मंजीत की रेकी की थी। शूटरों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। घटना का अनावरण करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का इनाम घोषित दिया गया है।
पिता की मौत के बाद शुरू हुआ विवाद
मंजीत और उनकी पत्नी मेघा राठौर दोनों गाजियाबाद के साहिबाबाद के इंद्रप्रस्थ कॉलेज में पढ़ते थे। 2017 में दोनों में दोस्ती हुई। यह बात मेघा ने घर वालों को बताई। परिवारवालों की रजामंदी से मेघा-मंजीत की शादी 28 जनवरी 2024 को हो गई। शादी के करीब 15 दिन बाद ही मंजीत के पिता प्रमोद मिश्रा की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। अब मंजीत के घरवाले मेघा को बुरा-भला कहने लगे थे। इसको लेकर काफी विवाद होने लगा था। सचिन ने इसकी शिकायत पुलिस में भी की थी। फिर मंजीत ने अपनी जान को खतरा होने की शिकायत 19 अगस्त 2024 को इंदिरापुरम थाना में की थी। 20 जून 2024 को मेघा को उसके घर बाद में ले जाने को कहकर छोड़ आया था। इसके बाद मंजीत मेघा को लेने नहीं आया।
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दो पत्नियों को तलाक दे चुका है सचिन
आरोपी सचिन की दो शादी हो चुकी है, लेकिन कोई पत्नी उसके साथ नहीं रहती है। वह दोनों से तलाक ले चुका है। इससे वह काफी परेशान चल रहा था। इधर मेघा के परिवार ने मंजीत को बार-बार समझौता कराने का प्रयास किया, लेकिन वह और उनके घर वाले नहीं मान रहे थे। इस सचिन ने कोर्ट में वाद दायर किया था, जिसमें मध्यस्थता चल रही थी। मेघा की हालत देखकर आरोपी सचिन ने एक दिन अपने साथ काम करने वाले प्रवीण को परेशान बताई थी। प्रवीण ने कहा कि वह मंजीत को रास्ते हटवा देगा। सचिन ने मंजीत की हत्या के लिए प्रवीण को 15 लाख रुपये देने का वादा किया। पांच लाख रुपये दिसंबर-2024 में प्रवीण को दे दिए थे। इसके बाद प्रवीण ने गांव के शूटर बुलाए। प्रवीण का प्लास्टर ऑफ पेरिस (पीओपी) की दिल्ली में दुकान है। प्रवीण सचिन के पास चार साल से बतौर मैनेजर काम कर रहा था।
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