स्कूल को खाली कराया, दो घंटे की जांच बाद फर्जी करार दी सूचना
पुलिस की शुरुआती जांच में बच्चों की शरारत आ रही सामने
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के प्रतिष्ठित स्कूलों में बम रखे होने की सूचना मिलने का सिलसिला थम नहीं रहा है। मंगलवार को साकेत के पुष्प विहार स्थित अमृता पब्लिक स्कूल में बम रखे होने की सूचना मिली। इसके बाद स्कूल को खाली करा लिया गया। कई घंटे की तलाशी अभियान के बाद सूचना को झूठा करार दे दिया गया। साकेत थाना पुलिस मामला दर्ज कर जांच कर रही है। इससे पहले दो प्रतिष्ठित स्कूलों में बम रखे होने की सूचना दो-दो बार मिल चुकी र्है। पुलिस सूचनाओं के पीछे स्कूली छात्रों की शरारत मान रही है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि अमृता पब्लिक स्कूल प्रशासन को मंगलवार सुबह 6:33 बजे ईमेल मिला। इसमें कहा गया कि स्कूल में बम फिट कर दिया गया है। जल्द ही स्कूल को उड़ा दिया जाएगा। स्कूल प्रशासन ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने स्कूल पहुंचने कुछ छात्रों व कर्मचारियों को बाहर निकाला और तलाशी अभियान शुरू किया। स्थानीय पुलिस के साथ दिल्ली पुलिस की बम डिस्पोजल टीम, दमकल विभाग और दिल्ली आपदा प्रबंधन विभाग की टीम ने स्कूल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इससे पहले पुलिस ने स्कूल को खाली कराने के साथ ही आसपास जगह को लोगों के लिए बंद कर दिया। करीब दो घंटे के तलाशी अभियान के बाद सूचना को झूठा करार दे दिया गया। साकेत थाना पुलिस के साथ-साथ जिले की साइबर थाना पुलिस को जांच में लगाया गया है, ताकि ये पता लग सके कि मेल किसने किया है।
पांचवीं सूचना
दक्षिण दिल्ली के नामी स्कूलों में बम रखे होने की ये पांचवीं सूचना है। सभी धमकी भरे मेल स्कूल प्रशासन के आईडी पर भेजे गए हैं। सबसे पहले सादिक नगर स्थित इंडियन स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। इसके बार फिर इसी स्कूल में बम रखे होने की सूचना मिली थी। 26 अप्रैल को दिल्ली पब्लिक स्कूल, मथुरा रोड पर बम की धमकी मिली थी। जांच में पता चला था कि स्कूल के ही एक नाराज छात्र ने मेल कर के स्कूल को धमकी दी थी। स्कूल प्रशासन से नाराज छात्र पढ़ाई नहीं करना चाहता था। डीपीएस मथुरा रोड को ईमेल के जरिए 12 मई को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। मेल में लिखा था कि मैं 12 मई को सुबह 11 बजे स्कूल में विस्फोट करने वाला हूं। पुलिस को जांच में पता चला कि ये मेल भी स्कूल के एक छात्र की आईडी से भेजा गया है। हालांकि, छात्र ने किसी तरह का मेल भेजने से इंकार किया।