भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने बनाई आजाद समाज पार्टी
नोएडा। भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने रविवार को अपनी नई आजाद समाज पार्टी का ऐलान किया। बसपा के संस्थापक कांशीराम की जयंती पर नोएडा के बसई गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में नई पार्टी की घोषणा की गई। चंद्रशेखर ने संविधान की शपथ लेते हुए कहा कि आज हमारे रहबर (कांशीराम) का जन्मदिन है और इसी ऐतिहासिक दिन हमने पार्टी की घोषणा की है। यह सिर्फ पार्टी नहीं एक मिशन है। मैं अपने महापुरुषों के मिशन को पूरा करना चाहता हूं। हमारा मकसद न बिकने वाला नेता और न बिकने वाला समाज तैयार करना है। वहीं रोक के बाद भी कार्यक्रम आयोजित करने पर पुलिस की ओर से आयोजकों को नोटिस जारी किया गया है।
चंद्रशेखर ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से कहा कि इस लड़ाई में मुझे आप लोगों का सहयोग चाहिए। इस लड़ाई में तमाम तरह के आरोप लगेंगे, लेकिन हमें डरना नहीं लड़ना है। उन्होंने कहा कि तमाम मुसीबतों के बाद भी हम आगे बढ़ रहे हैं। मां-बहनों ने मुझे पैगाम भेजा है कहा कि तुम से उम्मीद है पर धोखा मत देना। चंद्रशेखर ने कहा कि मैं मर जाऊंगा लेकिन कभी धोखा नहीं दूंगा। हम किसी के एजेंडे पर काम नहीं करेंगे। हम सिर्फ संविधान को मानते हैं। चंद्रशेखर ने कहा कि हमारी पार्टी का एजेंडा सिर्फ बाबा साहब के संविधान को पूर्ण रूप से लागू करवाना है। प्रत्येक समाज के बीच एक मजबूत नेता होगा। हमें संसद और विधान सभा में नहीं बल्कि सड़कों पर मजबूत बनना होगा। हम परिवर्तन लेकर आएंगे। इसके लिए यात्रा निकाली जाएगी। हम देश को कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने अन्य दलों पर आरोप लगाते हुए कहा कि सभी पार्टियां पूंजीपतियों की हैं। हमारी पार्टी का नेतृत्व युवाओं के हाथों में होगा। सभी को बागडोर संभालनी होगी। संघर्ष ही हमारा मकसद होगा।
सुबह 10 बजे होना था ऐलान, 5 घंटे देर से पहुंचे
नई पार्टी का ऐलान सुबह 10 बजे होना था। लेकिन चंद्रशेखर अपने तय कार्यक्रम से करीब पांच घंटे देरी से दोपहर करीब तीन बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे। कार्यक्रम कांशीराम की जयंती मनाने का था, लेकिन बाद में इसे जनसभा में तब्दील कर दिया गया। कार्यक्रम में करीब 300 लोगों के आने की बात कही गई थी, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर लोगों की संख्या 1500 तक पहुंच गई। इससे सड़क पर जाम लग गया और यातायात व्यवस्था चरमरा गई।
ताला खोलकर अंदर घुसे कार्यकर्ता
कोरोना वायरस को देखते हुए जिले में 15 अप्रैल तक सभी कार्यक्रमों की अनुमति पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई थी। पूर्व में जिन कार्यक्रमों की अनुमति दी गई थी, उन्हें भी तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया था। इसके बावजूद भीम आर्मी का कार्यक्रम हुआ और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। पुलिस ने एहतियात बरतते हुए फार्म हाउस के गेट पर नोटिस तक चस्पा कर दिया था। इसके साथ ही फार्म हाउस के हॉल में ताला लगाया गया था। लेकिन कार्यकर्ताओं की भीड़ ताला खोलकर अंदर घुस गई और कार्यक्रम शुरू कर दिया गया। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा।
जिला प्रशासन ने नहीं दी अनुमति
कोरोना वायरस की वजह से जिला प्रशासन ने कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी थी। हमारी ओर से सभी अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दी गई थीं। यह पूरा मामला कानून व्यवस्था का है। इसमें पुलिस ही कार्रवाई करेगी।
बीएन सिंह, जिलाधिकारी
कानूनी कार्रवाई की जाएगी
शासन की ओर से आदेश जारी होने के बाद भीम आर्मी को कार्यक्रम की कोई अनुमति नहीं दी गई थी। इसके बावजूद लोगों ने जबरन गेट का ताला खोलकर कार्यक्रम शुरू कर दिया। यह गैरकानूनी है इसलिए कार्यक्रम आयोजित करने वालों और इसमें शामिल होने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आयोजकों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया है।
हरीश चंदर, डीसीपी सेंट्रल जोन।