उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने किया दौरा तो गंदगी से भरे मिले नाले, अधिकारियों पर जताई नाराजगी
बाढ़ का पानी निकालने के लिए तीनों नाले अहम, मलबा, गाद व निर्माण एवं विध्वंस कचरा मिला
जिला मजिस्ट्रेट को तस्वीरों के साथ सफाई कार्यों की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। बाढ़ के पानी को शहर से निकालने के लिए बने बारापुला, सुनहरी और कुशक नाले 15 दिनों में साफ होंगे। रविवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना अधिकारियों के साथ नालों का निरीक्षण करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नालों को गंदगी से भरा हुआ पाया। इस पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए 15 दिनों में नाले साफ करने का आदेश दिया।
अधिकारियों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान एलजी को नालों में मलबा, गाद और निर्माण एवं विध्वंस कचरा मिला। इन नालों की सफाई कई वर्षों से नहीं हुई है। यह नाले बाढ़ के पानी को शहर से निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनमें सफाई न होने के कारण दक्षिण पूर्व और नई दिल्ली के बड़े हिस्से जलभराव का शिकार होते हैं। यह नाले निगम और सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग से संबंधित हैं। एलजी ने संबंधित जिला मजिस्ट्रेट को तस्वीरों के साथ सफाई कार्यों की दैनिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग के स्वामित्व वाले बारापुला नाले में पुलिया के नीचे 12 खाड़ियों में से केवल पांच ही चालू पाई गईं। झुग्गियों के अतिक्रमण के कारण इनमें से एक खाड़ी भी बंद थी। सुनहरी नाले में छह में से तीन खाड़ियां पूरी तरह से बंद थीं। कुशक नाले में सात खाड़ियों में से केवल चार खुली पाई गईं।
इनमें होता है जलभराव
नाले जाम होने से पानी बैकफ्लो होता है। इससे निजामुद्दीन, लोधी रोड, जंगपुरा, सीजीओ कॉम्प्लेक्स और आसपास के हिस्सों जलभराव हो जाता है।
हटाया जाएगा अतिक्रमण
एलजी ने ऐतिहासिक एएसआई संरक्षित पुराने बारापुला पुल का दौरा किया तो अतिक्रमण मिला। उन्होंने डीएम (दक्षिण पूर्व) को आईएंडएफसी, एमसीडी, पीडब्ल्यूडी और एएसआई के साथ संयुक्त कार्रवाई करके अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया। साथ ही, एक सप्ताह के भीतर पुल को उसकी मूल स्थिति में बहाल करने का निर्देश दिया।
नालों की घेराबंदी के निर्देश
एलजी के निर्देश के बाद रविवार से ही नालों की सफाई शुरू हो गई। पहले दिन चार जेसीबी मशीनें लगाई गईं। साथ ही, एलजी ने अधिकारियों को नालों की घेराबंदी करने का भी निर्देश दिया, ताकि नालों में कूड़ा-कचरा और मलबा न डाला जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सीसीटीवी कैमरों के जरिये नालों की निगरानी करने और नालों में कूड़ा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने को कहा।
तैयार हो दीर्घकालिक उपाय
एलजी ने अधिकारियों को जलभराव की समस्या से निपटने के लिए दीर्घकालिक उपायों वाली एक व्यापक योजना बनाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि अभी तक जैसा होता आया है वह नहीं चलेगा।