साइबर जालसाजों को बैंक खाते मुहैया कराकर लेता था मोटी रकम
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। डिजिटल अरेस्ट कर महिला से 84 लाख रुपये की ठगी के मामले में साइबर क्राइम पुलिस ने बुधवार को बैंक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान सीतापुर के सोनू पाल के रूप में हुई है। आरोपी से मोबाइल और दस्तावेज बरामद किए गए। इसके तीन साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते मुहैया कराता था। जिस निजी बैंक में आरोपी काम करता है उसके प्रबंधन को मामले की जानकारी दी गई है।
पिछले साल महिला ने पुलिस से शिकायत की थी कि साइबर जालसाजों ने पार्सल में ड्रग्स होने का डर दिखाकर डिजिटल अरेस्ट कर 84 लाख रुपये की ठगी की है। ठगों ने महिला को 23 से 25 जून 2024 तक डिजिटल अरेस्ट रखा और जांच के नाम पर उसकी जमा पूंजी अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा ली थी। पुलिस ने आरोपी राम सिंह, नरेंद्र और अक्षय को गिरफ्तार किया था।
ठग का खाता खुलवाया और किट अपने पास रख ली
सोनू ने ही राम सिंह का खाता खुलवाया था और किट अपने पास रख ली थी। इसी खाते में ठगी के 69 लाख रुपये कई बार में ट्रांसफर हुए थे। कमीशन के तौर पर सोनू ने कई लाख रुपये रख लिए थे। सोनू का मुख्य काम ठगों को बैंक खाते मुहैया कराना था। वह पहले भी ठगों को बैंक खाते उपलब्ध करा चुका है और करोड़ों का हेरफेर कर चुका है।
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सरकारी योजनाओं के नाम पर खुलवाता था खाता
पुलिस की जांच में पता चला है कि सोनू लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ या लोन दिलवाने के नाम पर खाते खुलवा लेता था। बैंक किट सोनू अपने पास ही रख लेता था। इसके बाद बैंक खाते की जानकारी साइबर जालसाजों को भेज देता था। इसके बदले जालसाज उसको मोटी रकम देते थे। वह एक साल से इस तरह की धोखाधड़ी में शामिल था। करीब 22 साल पहले वह सीतापुर से चंडीगढ़ गया था। चंड़ीगढ़ में बैंक में कर्मचारी के तौर पर काम करता था।