बिसाहडा गांव में राजनीतिक दलों के विरोध में लगा बोर्ड।
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जारचा। पंचायत चुनाव के मद्देनजर चल रही सरगर्मी के बीच बिसाहड़ा के ग्रामीणों ने सपा-बसपा के प्रति आक्रोश जाहिर किया है। साथ ही इन दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के गांव में प्रवेश पर रोक का बोर्ड भी लगा दिया गया है। इसमें एक विशेष वर्ग के लोगों को जेल पहुंचाने पर नाराजगी व्यक्त की गई है। जिला पंचायत पद के लिए सभी राजनीतिक दल अपने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतार रहे हैं।
इसमें सपा, बसपा, राष्ट्रीय लोकदल, आप, भाजपा मुख्य हैं। इन पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता गांव-गांव जाकर वोट मांग रहे हैं। बुधवार को नामांकन होने के साथ ही चुनावी सरगर्मी और बढ़ गई है। इस बीच बिसाहड़ा के ग्रामीणों ने गांव में एक चेतावनी भरा बोर्ड लगाया है। इस पर लिखा गया है कि ‘ठाकुरों को जेल में डालने वाले सपा-बसपा के कार्यकर्ताओं का गांव में आना मना है, समस्त गांववासी’। इस बोर्ड को देखकर दोनों पार्टियों के उम्मीदवारों की नींद उड़ गई है। वहीं, कोतवाली प्रभारी श्रीपाल सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं है।
पुलिस कमिश्नर ने एक्सप्रेसवे पर किया निरीक्षण
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर पुलिस कमिश्नर आलोक सिंह ने मंगलवार रात अधिकारियों के साथ यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने पीआरवी, पीसीआर, हाईवे पेट्रोलिंग टीम को आवश्यक निर्देश भी दिए। इसके बाद नोएडा-ग्रेटर नोएडा और यमुुुना एक्सप्रेसवे पर जेवर तक निरीक्षण किया। इस दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून एवं व्यवस्था लव कुमार, पुलिस उपायुक्त सेंट्रल जोन हरीश चंदर, पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा राजेश कुमार सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त ग्रेटर नोएडा, सहायक पुलिस आयुक्त तृतीय ग्रेटर नोएडा एवं संबंधित प्रभारी निरीक्षक मौजूद रहे।