नोएडा। शहर की सड़कों पर यातायात नियम तोड़ने वालों से हर साल करोड़ों रुपया जुर्माना वसूलने वाली ट्रैफिक पुलिस आमजन को सुविधा देने में कंजूस है। जनता की सहूलियत के लिए जो ई-चालान कंप्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम (ईसीएमएस) बंद किया गया है, उसे निजी कंपनी के सहयोग से चलाया जा रहा था। कंपनी के साथ अनुबंध खत्म हुआ तो ट्रैफिक पुलिस ने सेवा को ही बंद कर दिया। अमर उजाला में खबर प्रकाशित होने के बाद बुधवार को ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी कर यह जानकारी दी है।
ई-चालान पोर्टल (trafficpolicenoida.in) के जरिये गलत चालान की कहीं से भी घर या दफ्तर में बैठे ही ऑनलाइन शिकायत की जा सकती थी। इन शिकायतों का निस्तारण 72 घंटे में करने की बाध्यता तय थी। इसके अलावा शहर में रूट डायवर्जन की जानकारी भी इस पोर्टल के जरिये मिल रही थी, लेकिन अब इस पर (बाय दिस पोर्टल) यानी ई-चालान पोर्टल बिकाऊ होने की जानकारी मिल रही है। अमर उजाला ने मंगलवार के अंक में इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
इसके बाद ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्टीकरण जारी कर बताया कि उक्त पोर्टल 3एसमाइंड कंपनी के सहयोग से जन सामान्य के लिए शुरू किया गया था। कंपनी के साथ एक वर्ष का अनुबंध था। एक वर्ष बीत जाने के बाद इसे आगे नहीं बढ़ाया गया। जन सामान्य की शिकायतों के लिए अन्य वैकल्पिक तकनीकों पर विचार किया जा रहा है। ई-चालान संबंधित शिकायतों के लिए dcptrafficnoida@gmail.com और sptgbnoffice@gmail.com का विकल्प सुझाया गया है। जिस पोर्टल को ट्रैफिक पुलिस ने ही शुरू कराया और सालभर तक जिस सुविधा का लाभ लिया, उसे आधिकारिक मानने से ही इनकार किया गया है।