नई दिल्ली। चीनी फैशन ब्रांड एप शीन को ब्लॉक कर दिया गया है क्योंकि वह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा थी लेकिन उसके उत्पादों की अन्य मंचों पर बिक्री आईटी कानून के दायरे में नहीं आती है। यह जानकारी मंगलवार को केंद्र सरकार की ओर से हाईकोर्ट को दी गई। मामले की सुनवाई एक दिसंबर तय की गई है।
केंद्रीय इलेक्ट्रोनिक्स एंड इनफॉर्मेशन टेकभनोलॉजी मंत्रालय ने हाईकोर्ट को बताया कि शीन के उत्पादों की अन्य मंचों पर बिक्री आईटी अधिनियम की धारा 69ए के दायरे में नहीं आती। इसलिए इस मुद्दे पर गठित कमेटी कानूनन इन उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध का आदेश जारी नहीं कर सकती।
मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल एवं न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की खंडपीठ उस याचिका पर सुनवाई कर रही है जिसमें शीन को अपने उत्पादों की अमेजन पर बिक्री के जरिये दोबारा भारत में प्रवेश से रोकने का आग्रह किया गया है।
इस जानकारी के बाद हाईकोर्ट ने याची के वकील से पूछा कि अन्य मंचों पर उत्पादों की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं है। इस पर आपको क्या कहना है। वहीं अमेजन ने कहा कि उन्हें अब तक याचिका की कॉपी नहीं मिली है। खंडपीठ ने याचिका की कॉपी अमेजन के वकील को देने का निर्देश याची को देते हुए जवाब देने का समय प्रदान कर दिया।
याची अनंततिका सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक राज सिंह ने कोर्ट से आग्रह किया कि इस बिक्री पर अंतरिम रोक लगाई जाए। अन्यथा भारतीय ग्राहकों का डाटा चीनी कंपनी के पास जाता रहेगा। उन्होंने कहा कि आईटी अधिनियम की धारा 69ए देश की अखंडता एवं संप्रभुता से जुड़ी है। इन एप पर इसलिए प्रतिबंध लगाया गया था क्योंकि ग्राहकों का डाटा चीनी कंपनियों के पास जा रहा था। वे अब एक मंच के जरिये देश में आ रही हैं।
पेश जनहित याचिका में आग्रह किया गया है कि जब तक केंद्र सरकार चीनी एप से प्रतिबंध नहीं हटाती तब तक अमेजन को शीन एप के साथ अपनी साझेदारी निलंबित करने का निर्देश दिया जाए।