पानीपत। चंदौली गांव की साहिबा के नवजात बच्चे की शुक्रवार को तबीयत बिगड़ गई। बच्चे को सांस लेने में दिक्कत आ रही है। उसको जिला नागरिक अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में दाखिल कराया गया है। वहीं स्वास्थ्य विभाग ने महिला के कार में बच्चे को जन्म देने की घटना की रिपोर्ट संबंधित सीएचसी और एंबुलेंस कंट्रोल रूम से तलब की है।
जानकारी के अनुसार चंदौला गांव निवासी जाकिर की पत्नी साहिबा ने वीरवार को सनौली रोड पर कार में बच्चे को जन्म दिया था। इसके बाद वे पत्नी और बच्चें को जिला नागरिक अस्पताल ले आए थे। यहां उन्होंने उन्हें जच्चा-बच्चा वार्ड में दाखिल कराया। वीरवार तक जच्चा-बच्चा दोनों की सेहत सही थी। शुक्रवार को बच्चे को सांस लेने में तकलीफ हुई। इसके बाद चिकित्सकों ने बच्चे को एचएनसीयू वार्ड में शिफ्ट कर दिया।
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साहिबा के पति जाकिर ने बताया कि 15 अक्तूबर को उनकी पत्नी खोतपुरा सीएचसी में जांच के बाद कैराना ( यूपी ) अपने मायके चली गई थी। उसने बुधवार रात में करीब दो बजे तबीयत खराब होने पर चंदौली गांव की आशा वर्कर को फोन किया। आशा वर्कर ने उसे उसी समय वापस गांव आने को कहा था पर परिजनों के कहने पर मना कर दिया। अगले दिन फिर से तबीयत बिगड़ने पर वे किराये की कार लेकर पत्नी को लेने चले गए। इसके बाद वे वीरवार को दोपहर 12 बजे जिला नागरिक अस्पताल के लिए चले थे। इस दौरान रास्ते में साहिबा की तबीयत बिगड़ गई और उसने सनौली रोड पर पुरानी सब्जी मंडी के नजदीक कार में बच्चे को जन्म दिया। जिला नागरिक अस्पताल पहुंचने पर किसी ने भी उसकी मदद नहीं की। उसने खुद पत्नी व नवजात को इमरजेंसी वार्ड तक पहुंचाया। शुक्रवार को बच्चे को सांस लेने में परेशानी होने के कारण उसे एसएनसीयू वार्ड में भर्ती किया है।
गर्भवती व परिवार में जागरूकता की कमी के कारण अस्पताल पहुंचने से पहले ही डिलीवरी के मामले हो रहे हैं। साहिबा के मामले में भी परिवार की लापरवाही सामने आई है। साहिबा आशा वर्कर के कहने पर भी घर से नहीं आई। वे समय पर आती तो गाड़ी में डिलीवरी नहीं होती। साहिबा की स्थिति ठीक है। बच्चे को सांस में परेशानी के चलते एसएनसीयू वार्ड में दाखिल किया है।
डॉ. विजय मलिक, सीएमओ।