आशा किरण होम में मौतों का मामला : रिपोर्ट के आधार पर ही होगी कार्रवाई
गड़बड़ी का पता चलने पर तो एसडीएम पुलिस को एफआईआर का देते हैं आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
रोहिणी स्थित आशा किरण होम में जुलाई में हुई मौतों के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। ऐसे में अभी तक एफआईआर दर्ज नहीं हो पाई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई होगी। यदि रिपोर्ट में किसी गड़बड़ी का पता चलेगा तो एसडीएम पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के लिए कहेंगे।
रोहिणी के एसडीएम मनीष चंद्र वर्मा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट जल्दी देने के लिए अंबेडकर अस्पताल को कहा गया है। जुलाई से पहले हुई मौतों की रिपोर्ट आ चुकी है। इसमें कोई गड़बड़ी नहीं मिली है। नियम के अनुसार आशा किरण होम में जब भी किसी की मौत होती है तो पोस्टमार्टम कराया जाता है। रिपोर्ट मिलने में काफी देरी होती है। कई मामलों में रिपोर्ट छह माह बाद मिली। ऐसे में जुलाई में हुई सभी मौतों की रिपोर्ट जल्दी देने के लिए कहा गया है। वहीं, जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम जांच के लिए कहते हैं। इसके बाद पुलिस इस तरह के मामलों की जांच करती है।
15-20 लोगों का चल रहा उपचार
शनिवार को एसडीएम ने आशा किरण होम का दौरा कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में 15-20 लोग बीमार हैं जिनका मेडिकल कराया जा रहा है। कुछ लोगों को उपचार के लिए अंबेडकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। अभी पानी के सैंपल की जांच रिपोर्ट नहीं आई है। वहीं, होम में खाद्य पदार्थों की जांच के लिए सैंपल लिया गया है।
900 लोगों के लिए मात्र छह डाॅक्टर
मौजूदा समय में आशा किरण होम में 400 लोगों की रहने की जगह है, लेकिन 900 से अधिक लोगों को रखा गया है। यहां पर रहने वाले अधिकतर लोग मानसिक रूप से कमजोर और शारीरिक रूप से दिव्यांग होते हैं। ऐसे में 24 घंटे देखभाल की जरूरत रहती है, लेकिन यहां सिर्फ 6 डॉक्टर हैं। वहीं, अनुबंध के आधार 14 नर्सिंग आफिसर तैनात हैं। ऐसे में 900 लोगों की देखभाल करने के लिए पर्याप्त संख्या में डाॅक्टर और नर्सिंग स्टाफ की कमी है।
नई जगह की तलाश शुरू
क्षमता से अधिक लोगों के आशा किरण होम में रखने के मामले में अब प्रशासन ने इसके लिए अलग एक नई इमारत की तलाश शुरू की है। इसके लिए बाहरी दिल्ली में निरीक्षण कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि वर्तमान में जितने लोग आशा किरण होम में रह रहे हैं, उनमें से आधे लोगों को नई इमारत में रखा जाएगा। इससे उनकी देखभाल करने में अव्यवस्था नहीं होगी।