अलग-अलग खेलों के कोच और खेल अकादमियों का चयन करेगा प्राधिकरण
-स्पोर्ट्स ट्रस्ट ने निकाली आरएफपी, कुश्ती, एथलेटिक्स एंड फिटनेस, डांस एंड एरोबिक्स व स्क्वैश का ले सकेंगे प्रशिक्षण
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। नोएडा स्टेडियम में स्पोर्ट्स ट्रस्ट की ओर से अलग-अलग खेलों के कोच ओर खेल अकादमियों के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इसी कड़ी में नोएडा प्राधिकरण ने कुश्ती, एथलेटिक्स एंड फिटनेस, डांस एंड एरोबिक्स और स्क्वैश के कोच और खेल अकादमियों के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) निकाली है। इच्छुक एजेंसियां आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की आखिरी तारीख 27 जून है। इसके बाद आगे की प्रक्रिया शुरू होगी।
नोएडा स्टेडियम में अलग-अलग खेलों के कोच की काफी दिनों से मांग की जा रही थी। इसी कड़ी में प्राधिकरण ने नोएडा स्पोर्ट्स ट्रस्ट के सहयोग से इसकी प्रक्रिया शुरू कराई। इनमें सबसे ज्यादा मांग कुश्ती के कोच और खेल अकादमी के लिए हो रही थी। खिलाड़ियों का कहना है कि कोच नहीं होने से उनको नोएडा से बाहर अभ्यास के लिए जाना पड़ा रहा है। इसके लिए अलावा उन्होंने सुविधाएं दिलाने की भी मांग की।
ऐसे में प्राधिकरण ने एक साथ ही चार खेलों के कोच और खेल अकादमियों के चयन के लिए आरएफपी निकाली है। आरएफपी में कोच के अनुभव का खासा ध्यान रखा गया है। कोच के लिए न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव होना जरूरी होगा, जितना ज्यादा अनुभव होगा। उतना ज्यादा अंक मिलेगा। इसके साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर चुके ऐसे खिलाड़ियों को बतौर कोचिंग के लिए चयनित करने के दौरान वरियता मिलेगी।
प्रशिक्षुओं को देनी होगी फीस
एजेंसी चयन के बाद जब प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू होगा तो इससे जुड़ने वाले प्रशिक्षुओं को फीस देनी होगी। इसमें कुश्ती के लिए 500 रुपए, एथलेटिक्स के लिए 500 और फिटनेस के लिए 1000, डांस-एरोबिक्स के लिए 1500 और स्क्वैश के लिए 2500 रुपए प्रतिमाह की फीस देनी होगी। इसके लिए स्कूल, कॉलेज, कॉरपोरेट और अन्य आयोजन के लिए अलग फीस होगी।
नोएडा प्राधिकरण को भी मिलेगा शेयर
चयनित कोच और खेल अकादमियों की ओर से नोएडा प्राधिकरण को एकमुश्त प्रतिमाह एक तय रकम देनी होगी। इसके अलावा तय रकम से अधिक कमाई होने पर कोच को 60 प्रतिशत और प्राधिकरण को 40 प्रतिशत राशि मिलेगी। चयनित कोच या खेल अकादमियों को तीन वर्ष के कार्यकाल के लिए रखा जाएगा। इसके बाद उनके परफॉर्मेंस के आधार पर उनका कार्यकाल दो वर्ष के लिए बढ़ाया जा सकता है।