नोएडा। प्राधिकरण की सोमवार को होने वाली 204वीं बोर्ड बैठक में 20 से अधिक प्रस्तावों पर मुहर लगने की उम्मीद है। इनमें सोसाइटियों के संरचनात्मक ऑडिट, विकास कार्याें के लिए बजट और बिल्डरों को आवंटित भूखंडों के आवंटन में बदलाव व फ्लोर एरिया रेश्यो (एफएआर) खरीदने के प्रस्ताव रखे जाएंगे। साथ ही, शहर के कुछ प्रमुख स्थानों को फिल्म आदि की शूटिंग के लिए भी खोला जाएगा। इसके लिए निर्धारित फीस भी देनी होगी। वहीं, चार माह से अधिक धरना प्रदर्शन करने के बाद किसानों की समस्याएं शासन को भेजी गईं थीं। किसानों को उम्मीद है कि बोर्ड बैठक में पांच व दस फीसदी आबादी के भूखंड देने, आबादी निस्तारण समेत अन्य मांगे पूरी हो जाएंगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूसरे कार्यकाल में नोएडा प्राधिकरण की यह पहली बोर्ड बैठक है। इसकी अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त एवं नोएडा-ग्रेनो प्राधिकरणों के चेयरमैन संजीव मित्तल करेंगे। इस बार सबसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव गुरुग्राम हादसे से सबक लेते हुए सोसाइटियों के संरचनात्मक ऑडिट नीति का है। इस प्रस्ताव के पास होने के बाद सोसाइटी में आए दिन प्लास्टर और छत से टुकड़े गिरने के मामलों में बिल्डरों पर शिकंजा कसा जा सकेगा। पांच साल तक ऑडिट कराने का काम बिल्डर का ही होगा। फिर उस सोसाइटी की अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) की जिम्मेदारी होगी।
इधर, वित्त वर्ष 2022-23 में शहर के विकास के लिए इस बार करीब पांच हजार करोड़ का बजट पास होने की संभावनाएं हैं। नया नोएडा को ध्यान में रखते हुए बजट में जमीन अधिग्रहण व विकास कार्यों पर खर्च होगा। बुलंदशहर के गांवों की जमीन पर बन रहे नए नोएडा के मास्टर प्लान की प्रगति रिपोर्ट भी बैठक में रखी जाएगी। साथ ही, मास्टर प्लान-2041 पर भी विचार विमर्श होगा। सुप्रीम कोर्ट में बिल्डरों के खिलाफ चल रहे मामलों की स्टेटस रिपोर्ट भी रखी जाएगी। इसके अलावा अन्य कई परियोजनाओं की स्टेटस रिपोर्ट व निर्माण कंपनी के लिए प्रस्ताव रखा जाएगा।
जमीन लेने के बाद बिल्डर को करना होगा पूरा काम
बोर्ड बैठक में प्राधिकरण इस बार बिल्डरों को जमीन देने की प्रक्रिया में कुछ बदलाव करना चाहता है। कुछ ऐसे नियम बनाए गए हैं कि यदि बिल्डर ने जमीन ली तो उस पर परियोजना को पूरा करना ही होगा। भूखंडों के आवंटन की प्रक्रिया को सख्त बनाते हुए नए ब्रोशर तैयार किए जाएंगे। उनमें नई शर्तों के तहत ही बिल्डर जमीन आवंटन होगा। इससे खरीदारों का हक मारा नहीं जा सकेगा।
खरीदार की सहमति के बिना बिल्डर नहीं खरीद सकेगा अतिरिक्त एफएआर
बोर्ड बैठक में इस बार बिल्डर बिना खरीदार की मर्जी के फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) नहीं खरीद सकेगा। इसके लिए दो तिहाई से अधिक खरीदारों की सहमति लेनी होगी। प्राधिकरण ने इसके लिए सहमति पत्र का ड्राफ्ट तैयार किया है।
सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारियों का भी होगा कैशलेस इलाज
प्राधिकरण में अभी तक तैनाती के दौरान बीमारी होने पर ही कैशलेस इलाज होता है, लेकिन इस बार बोर्ड बैठक में सेवानिवृत्त अधिकारियों-कर्मचारियों को भी यह सुविधा देने का प्रस्ताव लाया जा रहा है और अब रिटायरमेंट होने के बाद भी अधिकारी-कर्मचारी को बीमारी के बाद अस्पताल में कैशलेस योजना का लाभ मिल सकेगा।